Body Donation In Medical College Baran: सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी सुबोध कुमार सिंह ने जीवन भर देश सेवा करने के बाद मरणोपरांत भी मानवता की मिसाल पेश की। उनके निधन के बाद परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप बारां के राजकीय मेडिकल कॉलेज को देहदान कर भावी चिकित्सकों के अध्ययन के लिए प्रेरणादायी कार्य किया। बारां मेडिकल कॉलेज को कुछ माह के अंतराल में ही यह दूसरा देहदान प्राप्त हुआ है।
गुरु नानक धाम कॉलोनी, झालीपुरा, बारां रोड कोटा निवासी सुबोध कुमार सिंह का शनिवार देर रात एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वे आईजी ऑफिस कोटा से सेवानिवृत्त हुए थे तथा झालावाड़, बूंदी और भरतपुर में सेवाएं दे चुके थे।
एक वर्ष पूर्व भरा था संकल्प पत्र
सुबोध कुमार सिंह ने एक वर्ष पूर्व ही परिजनों की सहमति से देहदान का संकल्प लिया था। निधन के बाद उनकी पत्नी सरिता और पुत्र प्रभात रघुवंशी ने कोटा मेडिकल कॉलेज से संपर्क किया, लेकिन वहां से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर शाइन इंडिया फाउंडेशन से संपर्क किया ।
छुट्टी के दिन खुला मेडिकल कॉलेज
सूचना पर संस्था के डॉ. कुलवंत गौड़ मौके पर पहुंचे और देह की उपयुक्तता जांचने के बाद बारां मेडिकल कॉलेज में देहदान का सुझाव दिया । परिजनों की सहमति पर भाई वैभव रघुवंशी, अतुल रघुवंशी, हेमंत पराशर, प्रमोद कुमार व सिद्धार्थ लोधा की मौजूदगी में पार्थिव देह को ससम्मान बारां मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं ।
देहदानी के पुत्र प्रभात रघुवंशी ने बताया कि छुट्टी का दिन होने के बावजूद मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. अंकुश आसोपा ने कॉलेज खुलवाकर देहदान की प्रक्रिया पूरी करवाई । इस दौरान 100 से अधिक मेडिकल छात्रों ने दिवंगत को श्रद्धांजलि दी और देहदान के इस प्रेरक निर्णय को नमन किया ।
प्रेरणादायी बना देहदान
डॉ. अंकुश आसोपा ने परिवार का आभार जताते हुए बताया कि शाइन इंडिया फाउंडेशन के माध्यम से मेडिकल कॉलेज को अब तक दो देहदान प्राप्त हो चुके हैं । उन्होंने कहा कि ऐसे पुण्य कार्य से मेडिकल छात्रों को अध्ययन और शोध में भी महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। इस कार्य में भारत विकास परिषद बारां शाखा का भी सहयोग रहा ।


