मुजफ्फरपुर के पियर पुलिस स्टेशन के अपर थानाध्यक्ष अभिनंदन कुमार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वो दलाल के माध्यम से पैसे लेते दिखाई दे रहे हैं। SSP ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं।
बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों के सख्त निर्देशों के बावजूद, कुछ पुलिसकर्मी विभाग की छवि खराब करना जारी रखे हुए हैं। ताजा मामला मुजफ्फरपुर जिले के पियर पुलिस स्टेशन से सामने आया है, जहां तैनात अपर थानाध्यक्ष (SI) अभिनंदन कुमार का रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने से पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
लेन-देन की तस्वीरें कैमरे में कैद
वायरल वीडियो में यह साफ देखा जा सकता है कि दो लोग पास आते हैं और कुर्सियों पर पहले से बैठे दो लोगों में से एक को पैसे सौंपते हैं। नकदी गिनने के बाद, पैसे लेने वाला व्यक्ति उसे अपने बगल में बैठे दूसरे व्यक्ति को दे देता है। इसके बाद, जिस व्यक्ति ने पैसे लिए थे, वह पैसे देने वाले व्यक्ति को कुछ निर्देश देता हुआ दिखाई देता है।
बताया जा रहा है कि सब-इंस्पेक्टर अभिनंदन कुमार किसी मामले को रफा-दफा करने या मदद करने के बदले नूनफारा निवासी एक कथित दलाल के माध्यम से रुपयों का लेन-देन कर रहे हैं। दलाल जब दारोगा जी को नोट थमाता है, तो वे बड़ी सहजता से उसे स्वीकार करते दिख रहे हैं। उन्हें इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि पास में मौजूद व्यक्ति ने अपने मोबाइल फोन के कैमरे में इस पूरी करतूत को चुपके से कैद कर लिया है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक तौर पर अभी तक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन वायरल होने के बाद से इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया है।
SSP ने लिया संज्ञान
सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने तत्काल इस मामले का संज्ञान लिया। इसे अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला मानते हुए SSP ने जांच की जिम्मेदारी एसडीपीओ पूर्वी-2 मनोज कुमार सिंह को सौंपी है।
एसएसपी ने साफ कहा है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के लिए बिल्कुल भी कोई जगह नहीं है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद, यदि आरोपी अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग अपनी साख पर ऐसे दाग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेगा।
DIG की सख्ती के बावजूद बेखौफ भ्रष्ट अफसर
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि तिरहुत रेंज के DIG चंदन कुशवाहा लगातार भ्रष्ट पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई कर रहे हैं। हाल ही में, उन्होंने एक दारोगा सदरे आलम को पांच साल पहले घूस लेने के मामले में नौकरी से बर्खास्त करके एक कड़ा संदेश दिया था।


