रायबरेली के सदर तहसील क्षेत्र के बेला गुसीसी गांव में जिला प्रशासन द्वारा जारी नोटिस को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई। सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को सुबह करीब 9 बजे, गांव के कई लोगों ने एकत्र होकर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन ने अवैध कब्जों को हटाने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों में राम सजीवन और हरिश्चंद्र चौरसिया सहित अन्य लोगों का कहना है कि वे वर्षों से यहां अपने मकान और दुकानें बनाकर रह रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना किसी समुचित वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक नोटिस देकर उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। 5 तस्वीरें देखिए… वहीं, प्रशासन का कहना है कि संबंधित मकान और दुकानें तालाब की जमीन तथा अन्य सरकारी भूमि पर अवैध रूप से निर्मित हैं। नियमों के तहत इन अवैध निर्माणों को हटाया जाना आवश्यक है। प्रशासन ने सभी अवैध कब्जाधारकों को तीन दिनों का समय दिया है ताकि वे स्वयं अपने निर्माण हटा लें। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर कब्जा नहीं हटाने पर बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, हटाने की कार्रवाई में आने वाला खर्च भी संबंधित कब्जाधारकों से ही वसूला जाएगा। इस मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें उचित समय और पुनर्वास की व्यवस्था दी जाए, ताकि वे अपने परिवार और रोजगार को सुरक्षित रख सकें। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है, और आने वाले दिनों में इस पर कोई बड़ा फैसला संभव है।


