कटनी. मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा बदलाव ला रही है। इस योजना के तहत घरेलू उपभोक्ता किफायती दरों पर अपने घरों में सोलर पैनल लगाकर स्वयं बिजली उत्पादन कर रहे हैं, जिससे बिजली बिल में भारी कमी आ रही है।
योजना के अंतर्गत 1 से 2 किलोवाट तक के सोलर पैनल पर प्रति किलोवाट 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है, जबकि 3 किलोवाट क्षमता तक के संयंत्र पर कुल 78 हजार रुपये की सब्सिडी उपलब्ध है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को सोलर सिस्टम लगाने के लिए बैंक के माध्यम से ऋण सुविधा भी दी जा रही है, जिसमें केवल 10 प्रतिशत मार्जिन मनी जमा कर 90 प्रतिशत तक लोन प्राप्त किया जा सकता है।
3500 ने कराया पंजीयन
जिले में इस योजना के प्रति तेजी से जागरूकता बढ़ रही है। विभाग द्वारा अब तक करीब 3500 उपभोक्ताओं का सर्वे और पंजीयन किया जा चुका है। इनमें से 1260 उपभोक्ताओं ने सोलर कनेक्शन प्राप्त कर लिया है, जबकि 278 उपभोक्ताओं द्वारा पंजीयन के बाद आगे की प्रक्रिया जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर सिस्टम की लागत 3 से 5 वर्षों में पूरी हो जाती है, जबकि इसकी औसत आयु 25 वर्ष होती है। इसका अर्थ है कि उपभोक्ता लगभग 20 वर्षों तक मुफ्त या बेहद कम लागत में बिजली का लाभ उठा सकते हैं।
सोलर सिस्टम के प्रमुख फायदे
सोलर सिस्टम लगाने से बिजली बिल लगभग शून्य हो जाता है और सरकार से 30 हजार से 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिलती है। यह एक बार का निवेश है, जो 25 से 30 वर्षों तक बिजली प्रदान करता है। बैटरी के साथ सिस्टम लगाने पर बिजली कटौती के दौरान भी आपूर्ति बनी रहती है। साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण में सहायक है और गैर-नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करता है। इस योजना के माध्यम से आम नागरिक न केवल आर्थिक रूप से लाभान्वित हो रहे हैं, बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
वर्जन
पीएम सूर्य घर योजना आम लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। इससे न केवल बिजली बिल में कमी आ रही है, बल्कि लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बन रहे हैं। सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और आसान ऋण सुविधा के कारण उपभोक्ताओं का रुझान तेजी से सोलर की ओर बढ़ा है। 1260 ने पैनल लगवाएं हैं। अबतक 3500 से अधिक पंजीयन हुए हैं। हमारा प्रयास है कि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ लें और स्वच्छ व नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी भागीदारी निभाएं।


