केरल विधानसभा चुनाव (9 अप्रैल) से ठीक पहले राजनीतिक पारा अपने चरम पर पहुँच गया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा इडुक्की की एक रैली में गुजरात के लोगों को लेकर दी गई एक टिप्पणी ने बड़े विवाद का रूप ले लिया है। बीजेपी ने इसे गुजरात की अस्मिता और देश के महान सपूतों का अपमान करार देते हुए कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोल दिया है।
क्या था खड़गे का बयान?
रविवार को इडुक्की में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खड़गे ने केरल की साक्षरता की तुलना अन्य राज्यों से की। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर निशाना साधते हुए कहा: “केरल के लोगों को गुमराह मत करो। वे बहुत समझदार और पढ़े-लिखे हैं। मोदी जी, विजयन जी, आप दोनों गुजरात या अन्य जगहों के उन लोगों को बेवकूफ़ बना सकते हैं जो अनपढ़ हैं, लेकिन आप केरल के लोगों को बेवकूफ़ नहीं बना सकते।”
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BJP का पलटवार: “यह गांधी-पटेल की विरासत का अपमान”
खड़गे के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने तुरंत मोर्चा खोल दिया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कांग्रेस अध्यक्ष को आड़े हाथों लिया।
गुजरात की विरासत: संघवी ने कहा कि यह टिप्पणी गुजरात के छह करोड़ लोगों और महात्मा गांधी, सरदार पटेल व पीएम मोदी जैसे महापुरुषों का अपमान है।
हताशा का प्रतीक: उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार सत्ता से बाहर होने की हताशा में कांग्रेस अब मतदाताओं को ही अपमानित करने लगी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी— “गुजरात माफ़ नहीं करेगा।”
संघवी ने कांग्रेस पर बार-बार गुजरात को निशाना बनाने का आरोप लगाया और पूछा कि क्या पार्टी की यह आलोचना राज्य के लोगों द्वारा “सत्ता से बाहर किए जाने” की वजह से है। उन्होंने कहा कि खड़गे का बयान उनकी हताशा को नहीं, बल्कि कांग्रेस के “असली कद” को दर्शाता है, और ज़ोर देकर कहा कि गुजरात की राजनीतिक रूप से जागरूक जनता ने हमेशा उन लोगों को नकारा है जो गांधी और पटेल की धरती का अपमान करते हैं, और आगे भी ऐसा ही करती रहेगी; उन्होंने यह भी जोड़ा कि “गुजरात माफ़ नहीं करेगा।”
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BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने खड़गे पर पलटवार करते हुए पूछा कि वे महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे नेताओं की “बुद्धिमत्ता” के बारे में क्या सोचते हैं, जो सभी गुजरात, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों से आते थे। त्रिवेदी ने कांग्रेस पर 9 अप्रैल को होने वाले केरल चुनावों से पहले “फूट डालो और राज करो” की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य की जनता चुनावों में इसका करारा जवाब देगी।


