वैशाली में एक महिला की लाश जलती चिता बुझाकर पुलिस ले गई। मृत महिला के घर वालों का आरोप है कि उनकी बेटी को ससुराल वालों ने पहले जिंदा जलाने की कोशिश की गई। वो बच गई तो अस्तपताल में जहर का इंजेक्शन दिलवाकर मार दिया गया। फिर गंडक नदी के किनारे आनन-फानन में उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तभी मायके वाले पुलिस को लेकर पहुंच गए। पुलिस ने जलती चिता को कब्जे में लिया, लेकिन सिर्फ हडि्डयां बची थी। मृतका की पहचान खुशबू कुमारी (20) के रूप में हुई है। घटना लालगंज थाना क्षेत्र के पिरापुर गांव की है। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़िए.. पूरा घटनाक्रम… खुशबू की शादी करीब दो साल पहले हिंदू रीति-रिवाज से पिरापुर के रवि कुमार से हुई थी। खुशबू के भाई रोशन कुमार ने बताया कि शादी के शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसे जान से मारने और शव गायब करने की धमकी दी जाती थी। पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया, फिर अस्पताल ले गए मृतका के भाई और मां ने आरोप लगाया कि 19 मार्च को दहेज के लिए बेटी के साथ मारपीट की, फिर बाइक से पेट्रोल निकालकर खुशबू के ऊपर डाल दिया। इसके बाद आग लगा दी। घटना के बाद ससुराल पक्ष ने घटना को छिपाने के लिए उसे हाजीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। खूशबू के घर वालों का आरोप है कि, ससुराल वालों ने इलाज के दौरान जहर का इंजेक्शन दिलवाकर मेरी बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद बिना मायके वालों को सूचना दिए गंडक नदी के किनारे शव का अंतिम संस्कार शुरू कर दिया गया। हमलोगों को खबर मिली तो हमने इसकी सूचना पुलिस को दी। जैसे ही हमलोग पहुंचे ही ससुरालवाले अधजला शव छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों की तलाश जारी एसडीपीओ गोपाल मंडल ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जलते चिता को बुझाकर जांच शुरू की। एफएसएल टीम को भी सबूत इकट्ठा करने के लिए बुलाया गया। पुलिस ने मृतका के ससुर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। फरार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। वैशाली में एक महिला की लाश जलती चिता बुझाकर पुलिस ले गई। मृत महिला के घर वालों का आरोप है कि उनकी बेटी को ससुराल वालों ने पहले जिंदा जलाने की कोशिश की गई। वो बच गई तो अस्तपताल में जहर का इंजेक्शन दिलवाकर मार दिया गया। फिर गंडक नदी के किनारे आनन-फानन में उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था, तभी मायके वाले पुलिस को लेकर पहुंच गए। पुलिस ने जलती चिता को कब्जे में लिया, लेकिन सिर्फ हडि्डयां बची थी। मृतका की पहचान खुशबू कुमारी (20) के रूप में हुई है। घटना लालगंज थाना क्षेत्र के पिरापुर गांव की है। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़िए.. पूरा घटनाक्रम… खुशबू की शादी करीब दो साल पहले हिंदू रीति-रिवाज से पिरापुर के रवि कुमार से हुई थी। खुशबू के भाई रोशन कुमार ने बताया कि शादी के शुरुआती समय में सब कुछ सामान्य था, लेकिन कुछ समय बाद ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसे जान से मारने और शव गायब करने की धमकी दी जाती थी। पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया, फिर अस्पताल ले गए मृतका के भाई और मां ने आरोप लगाया कि 19 मार्च को दहेज के लिए बेटी के साथ मारपीट की, फिर बाइक से पेट्रोल निकालकर खुशबू के ऊपर डाल दिया। इसके बाद आग लगा दी। घटना के बाद ससुराल पक्ष ने घटना को छिपाने के लिए उसे हाजीपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। खूशबू के घर वालों का आरोप है कि, ससुराल वालों ने इलाज के दौरान जहर का इंजेक्शन दिलवाकर मेरी बेटी की हत्या कर दी। इसके बाद बिना मायके वालों को सूचना दिए गंडक नदी के किनारे शव का अंतिम संस्कार शुरू कर दिया गया। हमलोगों को खबर मिली तो हमने इसकी सूचना पुलिस को दी। जैसे ही हमलोग पहुंचे ही ससुरालवाले अधजला शव छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों की तलाश जारी एसडीपीओ गोपाल मंडल ने बताया कि मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जलते चिता को बुझाकर जांच शुरू की। एफएसएल टीम को भी सबूत इकट्ठा करने के लिए बुलाया गया। पुलिस ने मृतका के ससुर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। फरार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।


