देवरिया जिले के बरहज तहसील क्षेत्र में रविवार को एक अधिवक्ता की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने शव को तहसील परिसर में रखकर प्रदर्शन किया और एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए। यह घटना लक्ष्मीपुर गांव में जमीन की पैमाइश के दौरान हुई। जानकारी के अनुसार, लक्ष्मीपुर गांव में रविवार को दो पक्षों के बीच जमीन की पैमाइश चल रही थी। इसी दौरान बरहज के एसडीएम और स्थानीय अधिवक्ता विजेंद्र सिंह के बीच तीखी नोकझोंक हुई। परिजनों का आरोप है कि एसडीएम की कड़ी फटकार और अभद्र व्यवहार के कारण अधिवक्ता विजेंद्र सिंह को अचानक दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना के बाद, मृतक अधिवक्ता विजेंद्र सिंह के परिजनों ने शव को तहसील परिसर में रखकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने एसडीएम पर विजेंद्र सिंह की मौत का जिम्मेदार होने का आरोप लगाया। परिजनों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन पैमाइश के दौरान एसडीएम का रवैया अत्यंत रूखा और अपमानजनक था, जिससे अधिवक्ता मानसिक रूप से टूट गए थे। इस घटना से स्थानीय अधिवक्ता वर्ग में भी आक्रोश है। अधिवक्ता उदय राज चौरसिया ने इसे प्रशासनिक दबाव और अभद्र व्यवहार का मामला बताते हुए न्याय की मांग की है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। बरहज थाना प्रभारी विशाल कुमार ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।


