उन्नाव में रेलवे प्रशासन द्वारा पुल की डाउनलाइन को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए चलाया जा रहा मेगा ब्लॉक रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। इस दौरान पुराने स्लीपर हटाकर नई तकनीक के एच-बीम चैनल स्लीपर लगाए गए। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस मेगा ब्लॉक का काम 2 अप्रैल से 13 मई तक 42 दिनों के लिए प्रतिदिन आठ घंटे किया जा रहा है। डाउनलाइन पर पुराने और जर्जर स्लीपर हटाकर उनकी जगह आधुनिक एच-बीम चैनल स्लीपर लगाए जा रहे हैं, ताकि पुल की मजबूती बढ़े और ट्रेनों का संचालन सुरक्षित रहे। सुरक्षा मानकों के साथ तकनीकी प्रक्रिया सुबह मेगा ब्लॉक मिलने के बाद कार्य शुरू कर दिया गया। मौके पर एडीएन-2 जयपाल सिंह, सहायक मंडल अभियंता प्रवीण कुमार और एक्सईएन ब्रिज सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे और उन्होंने कार्य की लगातार निगरानी की। सबसे पहले पुराने ट्रैक की लोहे की प्लेटें हटाई गईं, फिर प्रेशर मशीन से धूल और जंग साफ की गई। इसके बाद लोहे की सतह पर प्राइमर लगाया गया, नई लोहे की प्लेटें स्थापित की गईं और रबर पैड के साथ नए एच-बीम चैनल स्लीपर फिट किए गए। बारिश के बावजूद पूरी की गई कार्ययोजना रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बीते शनिवार को कुल 36 नए स्लीपर लगाए गए। शाम को अचानक बारिश शुरू होने के बावजूद कर्मियों ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए काम पूरा किया। कानपुर छोर की ओर रेलवे पुल की तीसरी कोठी तक का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। पुल मजबूत और संचालन सुरक्षित होगा अब तक कुल 112 एच-बीम स्लीपर लगाए जा चुके हैं। शेष कार्य अगले 39 दिनों तक चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। रेलवे प्रशासन का कहना है कि कार्य पूरा होने के बाद पुल की संरचना पहले से अधिक मजबूत होगी। इससे ट्रेनों का संचालन सुरक्षित और सुचारु रूप से किया जा सकेगा।


