JDA Big Action: जयपुर में गरजा बुलडोजर, 3 अवैध कॉलोनियां ध्वस्त, जानें कहां-कहां हुई कार्रवाई

JDA Big Action: जयपुर में गरजा बुलडोजर, 3 अवैध कॉलोनियां ध्वस्त, जानें कहां-कहां हुई कार्रवाई

JDA Big Action Illegal Colonies: राजधानी जयपुर के बाहरी इलाकों में सरकारी जमीनों पर कब्जा कर अवैध कॉलोनियां बसाने वाले भूमाफियाओं के खिलाफ जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार को जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने बड़ी कार्रवाई की।

कार्रवाई को अंजाम देते हुए शहर के अलग-अलग इलाकों में विकसित की जा रही तीन अवैध कॉलोनियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसमें सबसे चौंकाने वाला मामला सुमेल का रहा, जहां तीसरी बार अवैध निर्माण को हटाया गया है।

सरकारी जमीन पर नजर

जेडीए के प्रवर्तन दस्ते के अनुसार, भूमाफियाओं ने जयसिंहपुरा खोर इलाके में जेडीए के स्वामित्व वाली करीब आठ बीघा बेशकीमती जमीन पर कब्जा कर लिया था। इस जमीन पर ‘सांवरिया धाम’ और ‘पूजा विहार’ के नाम से दो अलग-अलग कॉलोनियां सृजित की जा रही थीं।

प्रत्येक कॉलोनी करीब चार-चार बीघा क्षेत्र में फैली थी। कार्रवाई के दौरान दस्ते ने वहां बिछाई गई सड़कों, बाउंड्री वॉल, बिजली के पोल और निर्माणाधीन ढांचों को बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह पूरी जमीन जेडीए रिकॉर्ड में सरकारी है और इस पर किसी भी प्रकार का निजी कब्जा अवैध है।

सुमेल में तीसरी बार चला पीला पंजा

कार्रवाई का दूसरा मोर्चा सुमेल इलाके में खुला, जहां ‘राधा वल्लभनगर’ नाम से अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। जेडीए प्रशासन के लिए यह स्थान चुनौती बन चुका था, क्योंकि यहां पहले भी दो बार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी थी। बावजूद इसके, भूमाफियाओं ने जेडीए की सख्ती को ताक पर रखकर तीसरी बार कॉलोनी बसाने का दुस्साहस किया। शनिवार को जेडीए ने यहां फिर से अवैध निर्माण को मलबे में तब्दील कर दिया।

जेडीए की चेतावनी: झांसे में न आएं आमजन

जेडीए प्रवर्तन शाखा के आला अधिकारियों ने बताया कि शहर के पेरीफेरी (बाहरी) क्षेत्रों में सरकारी और कृषि भूमि पर अवैध कब्जे की सूचनाएं लगातार मिल रही हैं। जेडीए न केवल निर्माण ध्वस्त करेगा, बल्कि बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।

मुख्य नियंत्रक (प्रवर्तन) ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी लुभावने विज्ञापन या सस्ते प्लॉट के झांसे में आकर निवेश न करें। खरीदने से पहले जेडीए के रिकॉर्ड और कॉलोनी के अप्रूवल की जांच अवश्य करें। जेडीए की इस कार्रवाई से भूमाफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीनों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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