बिहार अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बुडको) जल्द ही अपना खुद का एक लैब बनाएगा, जहां पानी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच होगी। अभी इसके लिए एजेंसी को दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने मौर्या मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय मिशन प्रोजेक्ट कम्पलीशन कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुडको की सुस्त रफ्तार वाली परियोजनाओं को गति देने के लिए मिशन प्रोजेक्ट कंप्लीशन शुरू किया गया है। इसके तहत निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएगी। साथ ही मिशन मोड में काम होगा। इसका उद्देश्य सभी जिलों की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करना आैर उसके आधार पर परियेाजनाओं की रैंकिंग करना है। इससे परियोजना की निगरानी हो सकेगी। साथ ही जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों का समाधान करना है। वहीं बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि कार्यशाला में सभी जिलों की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा होगी। कार्यशाला में बुडको की कार्यशैली पर भी जानकारी दी गई। कार्यों की स्थिति की जानकारी देंगे पदाधिकारी कार्यशाला में हर जिले के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति, प्रगति आैर समस्याओं पर प्रस्तुति देंगे। प्रस्तुति की रिपोर्टों के आधार पर सभी 38 जिलों की रैंकिंग जारी होगी आैर समस्याओं का समाधान करने के लिए योजनाएं बनेंगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों के पदाधिकारियों को प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया जाएगा। इंजीनियर रहें अपडेट, डीपीआर-बिड दस्तावेज ठीक से पढ़ें प्रधान सचिव विनय कुमार ने कार्यशाला में आए सभी 38 जिलों के पीडी, डीपीडी और इंजीनियरों को अपटेड रहने को कहा। उन्होंने सलाह दी कि इंजीनियर डीपीआर आैर बिड दस्तावेज को सावधानीपूर्वक पढ़े, ताकि कोई समस्या न आए। साथ ही योजनाओं से संबंधित जमीन की जांच पहले ही कर लें। फाइल, विशेषकर भुगतान संबंधित प्रकिया को ससमय निपटाएं। उन्होंने चेताया कि लापरवाह पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसकी जरूरत क्यों राज्य में बुडको की 115 से अधिक परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें जलापूर्ति, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, सड़क निर्माण, मुख्यमंत्री शहरी समग्र योजना, अमृत योजना जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से कई की रफ्तार धीमी हैं। बुडको के एमडी ने इन परियोजनाओं की समीक्षा की और इनमें तेजी लाने के लिए प्लान तैयार किया। परियेाजनाओं का हर रोज अपडेट लिया जाएगा, ताकि इसे समय-सीमा में पूरा किया जा सके। बिहार अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बुडको) जल्द ही अपना खुद का एक लैब बनाएगा, जहां पानी और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच होगी। अभी इसके लिए एजेंसी को दूसरे पर निर्भर रहना पड़ता है। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने मौर्या मंडपम में आयोजित तीन दिवसीय मिशन प्रोजेक्ट कम्पलीशन कार्यशाला में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुडको की सुस्त रफ्तार वाली परियोजनाओं को गति देने के लिए मिशन प्रोजेक्ट कंप्लीशन शुरू किया गया है। इसके तहत निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाएगी। साथ ही मिशन मोड में काम होगा। इसका उद्देश्य सभी जिलों की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करना आैर उसके आधार पर परियेाजनाओं की रैंकिंग करना है। इससे परियोजना की निगरानी हो सकेगी। साथ ही जमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों का समाधान करना है। वहीं बुडको के एमडी अनिमेष कुमार पराशर ने बताया कि कार्यशाला में सभी जिलों की निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा होगी। कार्यशाला में बुडको की कार्यशैली पर भी जानकारी दी गई। कार्यों की स्थिति की जानकारी देंगे पदाधिकारी कार्यशाला में हर जिले के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति, प्रगति आैर समस्याओं पर प्रस्तुति देंगे। प्रस्तुति की रिपोर्टों के आधार पर सभी 38 जिलों की रैंकिंग जारी होगी आैर समस्याओं का समाधान करने के लिए योजनाएं बनेंगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों के पदाधिकारियों को प्रमाण-पत्र देकर पुरस्कृत किया जाएगा। इंजीनियर रहें अपडेट, डीपीआर-बिड दस्तावेज ठीक से पढ़ें प्रधान सचिव विनय कुमार ने कार्यशाला में आए सभी 38 जिलों के पीडी, डीपीडी और इंजीनियरों को अपटेड रहने को कहा। उन्होंने सलाह दी कि इंजीनियर डीपीआर आैर बिड दस्तावेज को सावधानीपूर्वक पढ़े, ताकि कोई समस्या न आए। साथ ही योजनाओं से संबंधित जमीन की जांच पहले ही कर लें। फाइल, विशेषकर भुगतान संबंधित प्रकिया को ससमय निपटाएं। उन्होंने चेताया कि लापरवाह पदाधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इसकी जरूरत क्यों राज्य में बुडको की 115 से अधिक परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें जलापूर्ति, स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज, सड़क निर्माण, मुख्यमंत्री शहरी समग्र योजना, अमृत योजना जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इनमें से कई की रफ्तार धीमी हैं। बुडको के एमडी ने इन परियोजनाओं की समीक्षा की और इनमें तेजी लाने के लिए प्लान तैयार किया। परियेाजनाओं का हर रोज अपडेट लिया जाएगा, ताकि इसे समय-सीमा में पूरा किया जा सके।


