ज्वाइनिंग के लिए पहुंची युवती, नियुक्ति पत्र निकला फर्जी:आदेश में 11 नाम शामिल, DEO बोले- डिजिटल साइन भी स्कैन, आदेश नकली, पुलिस में शिकायत

ज्वाइनिंग के लिए पहुंची युवती, नियुक्ति पत्र निकला फर्जी:आदेश में 11 नाम शामिल, DEO बोले- डिजिटल साइन भी स्कैन, आदेश नकली, पुलिस में शिकायत

दुर्ग जिले के भिलाई स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी/हिंदी माध्यम स्कूल, जे.पी. नगर कैम्प-2 में फर्जी संविदा नियुक्ति आदेश का मामला सामने आया है। एक अभ्यर्थी जब नियुक्ति पत्र लेकर स्कूल में ज्वाइनिंग के लिए पहुंची, तभी पता चला कि यह आदेश नकली है। प्रारंभिक जांच में यह नियुक्ति आदेश पूरी तरह नकली पाया गया। स्कूल की प्रिंसिपल सुधा कुर्रे ने बताया कि श्वेता कौर नामक एक अभ्यर्थी नियुक्ति आदेश के साथ ज्वाइनिंग के लिए स्कूल पहुंची थी। दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने पर कई गंभीर खामियां सामने आई। नियुक्ति पत्र में पद का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, उसका प्रारूप फार्मेट था और कई अन्य तथ्य संदिग्ध पाए गए। प्रिंसिपल ने तुरंत इसकी जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दी और संबंधित दस्तावेज साझा किए। प्रारंभिक जांच में ही यह स्पष्ट हो गया कि यह फर्जीवाड़े का मामला है। स्कूल प्रबंधन ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एक कर्मचारी से संपर्क कर नियुक्ति आदेश की प्रति व्हाट्सएप पर भेजी। जांच के दौरान कर्मचारी ने इसे एडिटेड और फर्जी दस्तावेज बताया। इसके बाद प्रिंसिपल ने लिखित रूप से जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत भेजी और अभ्यर्थी की ज्वाइनिंग तत्काल रोक दी गई। फर्जी नियुक्ति आदेश में हिंदी, अंग्रेजी और वाणिज्य विषयों के लिए कुल 11 अभ्यर्थियों के नाम दर्ज थे। इनमें हिंदी के लिए 3, अंग्रेजी के लिए 6 और वाणिज्य के लिए 2 नाम शामिल थे। हालांकि, इन 11 नामों में से केवल अंग्रेजी विषय में दर्ज श्वेता कौर ही ज्वाइनिंग के लिए स्कूल पहुंची। बाकी किसी भी अभ्यर्थी ने संबंधित स्कूलों में संपर्क नहीं किया। DEO ने बताया- पूरी तरह फर्जी है आदेश दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने बताया कि इसमें लगा डिजिटल साइन भी असली नहीं बल्कि स्कैन की गई कॉपी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में स्वामी आत्मानंद स्कूलों के लिए इस तरह की कोई वैकेंसी वर्तमान में जारी नहीं है। पूर्व में निकली भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इस फर्जी आदेश में जिन अभ्यर्थियों के नाम हैं, वे किसी भी आधिकारिक मेरिट सूची में शामिल नहीं थे। पुलिस में शिकायत, FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने तुरंत पुलिस अधीक्षक और सिटी कोतवाली थाना को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा। संबंधित दस्तावेज भी पुलिस को सौंप दिए गए हैं, ताकि जांच आगे बढ़ाई जा सके। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर इस फर्जी नियुक्ति पत्र को किसने तैयार किया, इसके पीछे कोई गिरोह सक्रिय है या यह किसी व्यक्तिगत स्तर का प्रयास है। भविष्य के लिए अलर्ट जारी जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी स्कूलों के प्राचार्यों को निर्देश जारी कर ऐसे मामलों में सतर्क रहने को कहा है। बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी नियुक्ति आदेश को स्वीकार नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं।

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