सिरसा जिले में एक अप्रैल से नया सेशन शुरू होने के साथ निजी स्कूलों में किताबों व फीस को लेकर समस्याएं आने लगी है। कुछ स्कूलों में किताबों को लेकर नोटिस लगा दिए है और फीस भी बढ़ाने के आरोप लगे हैं। इसे लेकर कुछ अभिभावकों ने डीईओ व सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई है। जानकारी के अनुसार, सिरसा सहित रानियां क्षेत्र के अभिभावकों ने महंगी पुस्तकों तथा फीस में वृद्धि के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, सरकार की ओर से निजी स्कूलों द्वारा निजी पब्लिकेशन की महंगी किताबें लागू किए जाने के विरोध में सख्त आदेश जारी कर चुकी है। जमीनी स्तर पर इन आदेशों की खुलेआम अवहेलना हो रही है। शिकायतकर्ता कुलदीप, संदीप एवं सौरभ का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता और विभागीय मिलीभगत के चलते निजी स्कूल संचालक बेखौफ होकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसके बावजूद सिरसा व रानियां क्षेत्र के कई निजी स्कूलों में नए सत्र की शुरुआत से पहले ही निजी पब्लिकेशन की किताबों की सूची जारी कर दी गई है और उन्हें निर्धारित काउंटरों पर उपलब्ध भी करवा दिया गया है।
सिरसा दौरे पर शिक्षा मंत्री ने दी थी चेतावनी
शिकायतकर्ता के अनुसार, जनवरी माह में सिरसा एवं रानियां दौरे के दौरान शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने निजी विद्यालयों को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि यदि किसी स्कूल ने महंगी निजी पब्लिकेशन की किताबें लागू कीं तो उसकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। साथ ही संबंधित विक्रेताओं पर भी कार्रवाई की बात कही गई थी। उस समय डीईओ व डीईईओ भी साथ में मौजूद थे, पर किसी पर कार्रवाई नहीं हुई है।
जानिएं किसने क्या कहा अभिभावक सौरव मेहता ने बताया कि निजी स्कूलों की मनमानी झेलनी पड़ रही है और ये किताबें कुछ चुनिंदा दुकानों पर ही उपलब्ध है। वहां पर मोल-भाव भी कम नहीं किया जाता। बच्चों की फीस में भी बढ़ाेतरी कर दी है। स्कूलों में नोटिस चस्पा कर दिए हैं। रानियां खंड के बीईओ भागाराम के अनुसार, यदि कोई विद्यालय आदेशों की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही निजी पब्लिकेशन की किताबें बेचने वाले दुकानदार को भी नोटिस दिया गया है। इस मामले में शिक्षा विभाग की जांच कमेटी गठित कर दी गई है।


