इम्पैक्ट फीचर:विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी स्टूडेंट फर्स्ट और मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्सेस से जयपुर को बना रहा देश का नया एजुकेशनल हब

इम्पैक्ट फीचर:विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी स्टूडेंट फर्स्ट और मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्सेस से जयपुर को बना रहा देश का नया एजुकेशनल हब

जयपुर अब केवल पर्यटन और विरासत की पिंक सिटी नहीं रहा। यह देश का उभरता शिक्षा हब बन गया है। रिपोर्ट के अनुसार पूरे भारत में सबसे ज्यादा कॉलेजेस जयपुर में हैं। राजस्थान लॉ एंड ऑर्डर में बेहतर स्थिति में है, यहां सुरक्षित और सिक्योर माहौल है। यहां अफोर्डेबल फीस, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बड़े 30-60 एकड़ के कैंपस और शांत वातावरण मिलता है। कोटा और सीकर जैसे हॉटस्पॉट्स के साथ जयपुर पूरे राजस्थान को शिक्षा का केंद्र बना रहा है। ट्रस्टी और सीईओ इंजी. ओंकार बगड़िया ने कहा कि विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी (VGU) ने इस हब को नई ऊंचाई दी है। यहां 60 प्रतिशत छात्र राजस्थान से बाहर के हैं। यूनिवर्सिटी “स्टूडेंट फर्स्ट” मिशन पर चल रही है। पिछले 5 साल में छात्रों ने करीब 200 स्टार्टअप्स शुरू किए। NEP-2020 को पूरी तरह लागू कर मल्टीडिसिप्लिनरी “बकेट ऑफ कोर्सेस” दिए गए हैं। इंजीनियरिंग का छात्र NCC, NSS, डांस या म्यूजिक कर सकता है तो डिजाइन का छात्र इंजीनियरिंग या लॉ का कोर्स ले सकता है। इससे एम्प्लॉयमेंट बढ़ा है। आज के AI युग में VGU ने तीन स्तर पर काम किया। AI स्पेशलाइज्ड कोर्सेस और लैब्स चलाए, माइक्रोसॉफ्ट, एक्सेंचर, टीसीएस जैसी कंपनियों के साथ सर्टिफिकेशन प्रोग्राम शुरू किए। साथ ही स्टार्टअप और इनोवेशन के जरिए AI प्रोडक्ट्स बनवाए। नियमित हैकाथॉन, डिजाथॉन और AI समिट आयोजित होते हैं जहां छात्र AI का इस्तेमाल कर रियल प्रॉब्लम्स सॉल्व करते हैं। अटल कम्युनिकेशन इनोवेशन सेंटर और आई-स्टार्ट राजस्थान के जरिए पिछले 3 साल में 28 करोड़ रुपये की फंडिंग स्टार्टअप्स को दी गई। सरकार स्टार्टअप फंड बढ़ाए, रिसर्च सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस बनाए और “स्टडी इन राजस्थान” अभियान चलाए। सुरक्षा, मेंटल हेल्थ सेंटर्स और पब्लिक सुविधाएं बढ़ें तो जयपुर जल्द देश का टॉप एजुकेशन हब बनेगा। विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी AI, स्टार्टअप्स और ग्लोबल सहयोग के जरिए छात्रों को न सिर्फ डिग्री बल्कि आत्मनिर्भर भविष्य दे रही है।

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