मऊ के सभी भूमिधर किसानों के लिए फार्मर आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जो किसान अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाएंगे, वे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हो जाएंगे। कृषि विभाग ने बताया कि इस प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए 6 अप्रैल 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक प्रत्येक ग्राम पंचायत पर विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने जानकारी दी कि जनपद में कुल 3 लाख 54 हजार किसान पंजीकृत हैं, जिन्हें फार्मर आईडी बनवाना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी के बिना आगामी पीएम किसान किस्त का लाभ भी नहीं मिल पाएगा। क्षेत्रीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित इन शिविरों में कृषि विभाग और पंचायत विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। किसानों से अनुरोध किया गया है कि वे तत्काल अपने-अपने ग्राम पंचायत भवन पहुंचकर अपनी फार्मर आईडी बनवाना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त, किसान ‘फार्मर रजिस्ट्री यूपी’ ऐप पर स्वयं भी पंजीकरण कर सकते हैं। वे अपने आधार कार्ड, समस्त खतौनी और आधार से पंजीकृत मोबाइल नंबर के साथ किसी भी नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर वेब पोर्टल https://upfr.agristack.gov.in पर भी अपनी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ यह फार्मर रजिस्ट्री कराने के बाद किसानों को विभिन्न विभागों की योजनाओं, पीएम किसान और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों के विपणन के लाभ हेतु फार्मर आईडी का उपयोग करने में मदद मिलेगी। फार्मर रजिस्ट्री से सरकारी योजनाओं का लाभ त्वरित गति से प्राप्त होगा और बार-बार अभिलेख उपलब्ध कराने की आवश्यकता से मुक्ति मिलेगी। आयोजित इन शिविरों का संचालन सहायक नोडल और नोडल अधिकारियों की देखरेख में किया जा रहा है। उच्चाधिकारियों द्वारा समय-समय पर इन शिविरों का निरीक्षण भी किया जाएगा, ताकि कार्य तेजी से संपन्न हो सके। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने निकटतम राजकीय कृषि बीज गोदाम या कृषि विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।


