नालंदा पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिहार थाना क्षेत्र के गुफापर स्थित एक दो मंजिला मकान में छापेमारी कर किराये के कमरे में रह रहे पांच शातिर साइबर ठगों को धर दबोचा। इन अपराधियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 13 मोबाइल फोन, जिनमें 11 स्क्रीन टच और 2 की-पैड फोन शामिल हैं, तथा 9 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान मानपुर निवासी (34) नवल कुमार, शेखपुरा निवासी (37) कुमार आर्यन, अस्थावां निवासी (22) प्रिंस कुमार, शेखपुरा निवासी (26) राजेश कुमार और कतरीसराय निवासी (18) मोनू कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे लोगों को पार्सल के लिए एड्रेस अपडेट करने का झांसा देकर उनका व्हाट्सएप हैक कर लेते थे। इसके बाद वे उसी व्हाट्सएप से पीड़ित के रिश्तेदारों को संदेश भेजकर पैसों की मांग करते थे। इस मामले में नालंदा साइबर थाना में मामला दर्ज कर के तहत भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस सफल उद्भेदन टीम में इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार, संजय पासवान और जिला आसूचना इकाई के सदस्य शामिल थे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे फोन कॉल या एसएमएस से प्राप्त किसी भी सूचना का पहले सत्यापन जरूर करें। नालंदा पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बिहार थाना क्षेत्र के गुफापर स्थित एक दो मंजिला मकान में छापेमारी कर किराये के कमरे में रह रहे पांच शातिर साइबर ठगों को धर दबोचा। इन अपराधियों के पास से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 13 मोबाइल फोन, जिनमें 11 स्क्रीन टच और 2 की-पैड फोन शामिल हैं, तथा 9 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान मानपुर निवासी (34) नवल कुमार, शेखपुरा निवासी (37) कुमार आर्यन, अस्थावां निवासी (22) प्रिंस कुमार, शेखपुरा निवासी (26) राजेश कुमार और कतरीसराय निवासी (18) मोनू कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे लोगों को पार्सल के लिए एड्रेस अपडेट करने का झांसा देकर उनका व्हाट्सएप हैक कर लेते थे। इसके बाद वे उसी व्हाट्सएप से पीड़ित के रिश्तेदारों को संदेश भेजकर पैसों की मांग करते थे। इस मामले में नालंदा साइबर थाना में मामला दर्ज कर के तहत भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी अभियुक्तों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस सफल उद्भेदन टीम में इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र कुमार, संजय पासवान और जिला आसूचना इकाई के सदस्य शामिल थे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे फोन कॉल या एसएमएस से प्राप्त किसी भी सूचना का पहले सत्यापन जरूर करें।


