दतिया में वैशाख में ओले-बूंदाबांदी, पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बदला:दिन में 37॰ और रात में 19.4॰ पारा रिकॉर्ड; फसलों को नुकसान की आशंका

दतिया में वैशाख में ओले-बूंदाबांदी, पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बदला:दिन में 37॰ और रात में 19.4॰ पारा रिकॉर्ड; फसलों को नुकसान की आशंका

दतिया में वैशाख माह में जहां आमतौर पर तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिलता है, वहीं इस बार मौसम ने सावन जैसी ठंडक का अहसास करा दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से जिले में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। शनिवार को भी दिनभर मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिले, जिससे लोगों को गर्मी से आंशिक राहत जरूर मिली, लेकिन उमस ने परेशानी बढ़ा दी। सुबह की शुरुआत हल्की ठंडक के साथ हुई। मौसम सुहावना रहा और हवा में नमी महसूस की गई। हालांकि, जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, तेज धूप निकल आई और तापमान में बढ़ोतरी होने लगी। दोपहर तक लोगों को गर्मी का एहसास होने लगा, लेकिन यह ज्यादा देर तक कायम नहीं रहा। दोपहर बाद अचानक मौसम ने फिर करवट ली और आसमान में बादल छा गए। इसके बाद शाम के समय हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई, वहीं भांडेर तहसील के गांव वेदा में ओले गिरे। जिससे वातावरण में ठंडक घुल गई। बारिश से तापमान में गिरावट
शाम की बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रात के समय मौसम अपेक्षाकृत ठंडा रहा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। बीते 24 घंटे के मुकाबले न्यूनतम तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 19.4 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते आगामी कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। आंशिक बादल छाने, हल्की बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बदलाव से दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ सकता है, जिससे लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानी बरतने की जरूरत है। अचानक बदलते मौसम के कारण किसानों की चिंता भी बढ़ गई है, क्योंकि इस समय फसलों की कटाई और भंडारण का कार्य चल रहा है। बारिश और नमी से फसलों को नुकसान होने की आशंका बनी हुई है।

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