कोडरमा जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात झुंड से बिछड़े एक हाथी ने कोडरमा थाना क्षेत्र के पथलडीहा गांव के पास जमकर उत्पात मचाया। हाथी गांव के समीप स्थित एक होटल में घुस गया, जहां उसने पहले जमकर तोड़फोड़ की। फिर वहां आराम कर रहे एक कर्मचारी पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं, जिससे लोगों की चिंता और भय दोनों बढ़ गए हैं। हमले में कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हाथी के हमले में होटल का कर्मचारी उपेंद्र साव (35), निवासी मरकच्चो, गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जाता है कि देर रात अचानक हुए इस हमले में वह बुरी तरह जख्मी हो गया। घायल अवस्था में उसने किसी तरह आसपास के लोगों को आवाज लगाकर मदद मांगी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल उपेंद्र को मोटरसाइकिल से सदर अस्पताल कोडरमा पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। मुर्गी फार्म में भी मचाया कहर, लाखों का नुकसान घटना के बाद शनिवार सुबह पथलडीहा गांव के हुसैन आरिफ ने बताया कि उनके होटल के पीछे स्थित मुर्गी फार्म में भी हाथी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। फार्म से करीब 180 मुर्गे-मुर्गियां गायब मिले। साथ ही वहां रखे बर्तन और अन्य सामान पूरी तरह तहस-नस कर दिए गए थे। उन्होंने बताया कि रात में हाथी के डर से वे फार्म नहीं जा सके थे। सुबह जब वहां पहुंचे तो नुकसान का मंजर देखकर सन्न रह गए। इस घटना से उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष भी हाथियों ने इसी तरह नुकसान पहुंचाया था, जिसका अब तक मुआवजा नहीं मिला है। लगातार घटनाओं से लोगों में आक्रोश बीते दो हफ्तों से जिले के विभिन्न इलाकों में हाथियों की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। हाल ही में हाथियों के हमले में तीन लोगों सहित कई मवेशियों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों में भय के साथ-साथ वन विभाग के प्रति आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने में विफल साबित हो रहा है। इधर जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड में काम करने का दावा किया है। उपायुक्त के निर्देश पर विशेष दल गठित किए गए हैं और 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों से सतर्क रहने और सूचना देने की अपील की गई है। कोडरमा जिले में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात झुंड से बिछड़े एक हाथी ने कोडरमा थाना क्षेत्र के पथलडीहा गांव के पास जमकर उत्पात मचाया। हाथी गांव के समीप स्थित एक होटल में घुस गया, जहां उसने पहले जमकर तोड़फोड़ की। फिर वहां आराम कर रहे एक कर्मचारी पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से हाथियों की गतिविधियां लगातार बढ़ी हैं, जिससे लोगों की चिंता और भय दोनों बढ़ गए हैं। हमले में कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हाथी के हमले में होटल का कर्मचारी उपेंद्र साव (35), निवासी मरकच्चो, गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया जाता है कि देर रात अचानक हुए इस हमले में वह बुरी तरह जख्मी हो गया। घायल अवस्था में उसने किसी तरह आसपास के लोगों को आवाज लगाकर मदद मांगी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए घायल उपेंद्र को मोटरसाइकिल से सदर अस्पताल कोडरमा पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स रेफर कर दिया। मुर्गी फार्म में भी मचाया कहर, लाखों का नुकसान घटना के बाद शनिवार सुबह पथलडीहा गांव के हुसैन आरिफ ने बताया कि उनके होटल के पीछे स्थित मुर्गी फार्म में भी हाथी ने भारी नुकसान पहुंचाया है। फार्म से करीब 180 मुर्गे-मुर्गियां गायब मिले। साथ ही वहां रखे बर्तन और अन्य सामान पूरी तरह तहस-नस कर दिए गए थे। उन्होंने बताया कि रात में हाथी के डर से वे फार्म नहीं जा सके थे। सुबह जब वहां पहुंचे तो नुकसान का मंजर देखकर सन्न रह गए। इस घटना से उन्हें लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष भी हाथियों ने इसी तरह नुकसान पहुंचाया था, जिसका अब तक मुआवजा नहीं मिला है। लगातार घटनाओं से लोगों में आक्रोश बीते दो हफ्तों से जिले के विभिन्न इलाकों में हाथियों की गतिविधियां लगातार देखी जा रही हैं। हाल ही में हाथियों के हमले में तीन लोगों सहित कई मवेशियों की जान जा चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं से लोगों में भय के साथ-साथ वन विभाग के प्रति आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग हाथियों को रिहायशी इलाकों से दूर रखने में विफल साबित हो रहा है। इधर जिला प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए अलर्ट मोड में काम करने का दावा किया है। उपायुक्त के निर्देश पर विशेष दल गठित किए गए हैं और 24 घंटे कंट्रोल रूम संचालित किया जा रहा है। साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी कर लोगों से सतर्क रहने और सूचना देने की अपील की गई है।


