मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की साजिश के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस ने इस केस के मास्टमाइंड को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी पेशे से वकील है। इस पेशवर वकील पर मालदा जिले में 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की साजिश रचने का आरोप है। आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को CID ने सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है।
भागने की फिराक में था आरोपी, पुलिस ने दबोचा
मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने की साजिश रचने वाले आरोपी मोफक्करुल इस्लाम को CID ने गिरफ्तार कर लिया है। मोफक्करुल इस्लाम भागने की फिराक में था, तभी CID ने एयरपोर्ट से उसे दबोच लिया। मोफक्करुल इस्लाम असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के टिकट पर 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भी उम्मीदवार रह चुका है। पुलिस के अनुसार, मोफक्करुल इस्लाम पर आरोप है कि उसने न्यायिक अधिकारियों को निशाना बनाने की साजिश में प्रमुख भूमिका निभाई।
बंधक कांड में अब तक 35 गिरफ्तार
उत्तर बंगाल के ADG के. जयरामन ने शुक्रवार को बताया कि मालदा बंधक कांड में अब तक कुल 35 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। बुधवार को मालदा जिले में भीड़ ने 7 न्यायिक अधिकारियों को कई घंटों तक बंधक बना लिया था। घटना के दौरान 3 महिला अधिकारियों सहित सभी न्यायिक अधिकारियों को देर रात सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।चुनाव आयोग के निर्देश पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है। NIA की टीम कोलकाता से मालदा पहुंच चुकी है और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट दर्ज कर जांच आगे बढ़ा रही है।
सोशल मीडिया पर सक्रिय है मोफक्करुल इस्लाम
मालदा बंधक कांड मामले में गिरफ्तार मोफक्कारुल इस्लाम सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है। उसके करीब 30 लाख (3 Million) फॉलोअर्स हैं। आरोपी उत्तर दिनाजपुर का रहने वाला है। उसने 2021 में इटाहार विधानसभा सीट से AIMIM के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। पुलिस के मुताबिक, मोफक्करुल इस्लाम CAA, NRC और अब SIR जैसे मुद्दों पर मुस्लिम समुदाय के बीच काफी मुखर रहा है।
क्या है पूरा मामला?
बीते बुधवार को मालदा के कालियाचक में SIR का काम चल रहा था। इस दौरान कुछ लोगों के नाम लिस्ट से हटाए जाने पर भीड़ उग्र हो गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने 3 महिला अधिकारियों सहित कुल 7 न्यायिक अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक एक ब्लॉक ऑफिस में बंधक बनाकर रखा। बंधक बनाने के बाद अधिकारियों को खाना-पीना नहीं दिया गया।


