रेटिंग कीजिए, पैसा लीजिए…कहकर टेलीग्राम पर फैलाया ठगी का जाल:हेल्पलाइन नंबर जारी किए, खुद ही बने कस्टमर केयर; पढ़िए-राजस्थान में ठगी का नया ट्रेंड

रेटिंग कीजिए, पैसा लीजिए…कहकर टेलीग्राम पर फैलाया ठगी का जाल:हेल्पलाइन नंबर जारी किए, खुद ही बने कस्टमर केयर; पढ़िए-राजस्थान में ठगी का नया ट्रेंड

अगर आपके पास भी वॉट्सएप या टेलीग्राम पर घर बैठे रेटिंग करने, विज्ञापन देखने या वीडियो लाइक करके पैसा कमाने का ऑफर आ रहा है, तो संभल जाइए। राजस्थान में ठगी का एक बेहद शातिर और नया ट्रेंड ‘टास्क फ्रॉड’ तेजी से पैर पसार रहा है। नागौर की मेड़ता सिटी थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम (DST) ने एक ऐसे ही गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों को करोड़ों का चूना लगा रहा था। साइन अप बोनस से शुरुआत, फिर वसूली
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह टेलीग्राम पर ग्रुप और चैनल बनाकर लोगों को जाल में फंसाता है। इनका काम करने का तरीका कुछ इस तरह है… एक संदिग्ध नंबर ने खोला राज
एसपी रोशन मीणा को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर की शिकायत मिली थी। जब पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की तो वह मेड़ता सिटी की राधानगर कॉलोनी निकली। थानाधिकारी धर्मेश दायमा के नेतृत्व में टीम ने 2 अप्रैल को दबिश देकर आरोपी गोपाल सिखवाल को धर दबोचा। गोपाल के मोबाइल में प्राइम ऑरबिट इंडिया प्राइवेट लिमिटेड नाम का टेलीग्राम चैनल मिला, जिससे ठगी का पूरा जाल बुना जा रहा था। पूछताछ के बाद गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। विड्रॉल के नाम पर फीस का नया पैंतरा
जब पीड़ित वेबसाइट पर दिख रही अपनी कमाई को निकालने की कोशिश करता, तो ठग उसे नया झांसा देते। वे कहते कि रकम ज्यादा होने के कारण इसे बैंक खाते में ट्रांसफर करने के लिए ‘प्रोसेसिंग फीस’ या ‘सर्विस चार्ज’ जमा करना होगा। ज्यादा पैसे के लालच में लोग हजारों-लाखों रुपए इनके खातों में भेज देते थे।
एक महीने में शटर डाउन
पुलिस के अनुसार, गिरोह एक वेबसाइट को महज एक महीने तक चलाता था। जैसे ही मोटी रकम इकट्ठी होती, वेबसाइट बंद कर दी जाती और नए नाम से नया शिकार तलाशा जाता। यह खेल पिछले डेढ़ साल से चल रहा था। 4 गिरफ्तार, 5 की तलाश; करोड़ों की ठगी की आशंका
मेड़ता सिटी थानाधिकारी धर्मेश दायमा का कहना है- पुलिस ने अब तक गोपाल सिखवाल (25), अनिल ढाका (25), प्रमेश सांगवा (30) और सुनील सांगवा (25) को गिरफ्तार कर शुक्रवार को रिमांड पर लिया है। फिलहाल रामलाल धौलिया, सुरेंद्र मेघवाल सहित 5 अन्य आरोपी फरार हैं।
गोटन थानाधिकारी सुरेश चौधरी मामले की जांच कर रहे हैं। पुलिस बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट को फ्रीज करने की कार्रवाई कर रही है। आशंका है कि ठगी का शिकार हुए लोगों की संख्या सैकड़ों में है और ठगी की रकम करोड़ों में जा सकती है।

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