गोरखपुर समेत पूरे देश में फैशन टीवी की फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया था। रामगढ़ताल पुलिस ने शुक्रवार को फैशन टीवी के प्रबंध निदेशक समेत तीन को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाले काशिफ खान, ऑपरेशन हेड कृष्णा देवी और वित्त नियंत्रक नवीन अहूजा उर्फ नवीन सर अहूजा शामिल हैं।
पुलिस आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई से गोरखपुर लेकर आ रही है। शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस कई ठगी की घटनाओं का पर्दाफाश कर सकती है। रामगढ़ताल थाने में दर्ज मुकदमे में एक आरोपी वैभव मणि त्रिपाठी पहले ही जेल भेजा जा चुका है। वहीं एक फरार महिला कर्मचारी की तलाश में दबिश दी जा रही है। काशीफ खान की पार्टी में फंस गया था फिल्म एक्टर का बेटा बताया जा रहा है कि साल 2021 के अक्टूबर माह में रेव पार्टी की सूचना पर मुंबई से गोवा जा रही क्रूज पर एनसीबी ने छापा मारा था। जिसमे शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का भी नाम सामने आया था। इस पार्टी में कई बड़े नाम सामने आए। इस पार्टी का आयोजक फैशन टीवी का प्रबंध निदेशक काशिफ खान ही था। इस दौरान काशिफ पर सेक्स और ड्रग्स का रैकेट चलाने का भी आरोप लगा था। बाद में इस मामले में शाहरुख खान के बेटे को जांच पड़ताल के बाद क्लीन चीट मिल गया था। गोरखपुर में शिकायत के बाद आया नाम
मामले की शिकायत जूही सिंह, पत्नी राकेश सिंह, निवासी शिवपुर कॉलोनी, रामगढ़ताल, ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से की थी। जूही सिंह पार्क हॉस्पिटैलिटी नामक फर्म संचालित करती हैं, जिसमें वैभव मणि त्रिपाठी और करुणेश प्रताप शाही अंशधारक थे। आरोप है कि वैभव मणि त्रिपाठी ने खुद को फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संबंधित बताते हुए कानपुर और गोरखपुर में ‘एफ बार बाय फैशन टीवी’ की फ्रेंचाइजी दिलाने का प्रस्ताव दिया। जूही सिंह और उनके पति राकेश सिंह ने वैभव मणि के झांसे में आकर अलग-अलग किश्तों में लगभग 1 करोड़ रुपये नकद और बैंक ट्रांजेक्शन के माध्यम से आरोपी और उनके सहयोगियों के खातों में ट्रांसफर किए। यह राशि फ्रेंचाइजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेटअप तैयार कराने के नाम पर ली गई। जांच में पता चला कि न तो कभी फ्रेंचाइजी दिखाई गई और न ही किसी वैध अनुबंध का पालन हुआ। बाद में फैशन टीवी प्राइवेट लिमिटेड से संपर्क करने पर कंपनी ने किसी भी अनुबंध या भुगतान से साफ इनकार किया। प्रस्तुत अनुबंध पत्र में फर्जी हस्ताक्षर पाए गए, जिसकी पुष्टि हस्तलेखन विशेषज्ञ की रिपोर्ट से हुई। जब पीड़िता ने रुपये वापस मांगे, तो आरोपी की ओर से जान-माल की धमकी दी गई।
पुलिस ने मामले में वैभव को फरवरी में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुंबई जाकर पुलिस ने गिरफ्तार किया वैभव ने पूछताछ में फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपियों में काशिफ खान उर्फ काशिफ सरदार हाशिम खान मलिक, ऑपरेशन हेड कृष्णा और वित्त नियंत्रक नवीन अहूजा उर्फ नवीन सर अहूजा के नाम बताए थे। इसके बाद पुलिस ने टीम आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी। आरोपी के निशानदेही पर मुंबई जाकर रामगढ़ताल पुलिस ने बीते एक अप्रैल को आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर शहर के लिए रवाना हो गई है।
इस तरह करते थे ठगी
आरोपी पूरे देश में बड़े उद्यमियों को निशाना बनाते थे और उन्हें फैशन टीवी ब्रांडेड बार, लाउंज, कैफे या सैलून फ्रेंचाइज़ी के मालिक बनने का वादा करते थे। इसके बाद उन्हें मुंबई के सांताक्रूज स्थित सिंडिकेट के दफ्तर में बुलाया जाता था और फ्रेंचाइजी देने के नाम पर 12.50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक लिए जाते थे। समझौते पेपर पर जाली हस्ताक्षर कर उन्हें थमा दिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी एक्सिस बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और फेडरल बैंक की विले पार्ले शाखा में लोगों से रुपये मंगाते थे। पूरे देश में दर्ज है एफआईआर
कशीफ खान, जो खुद को फैशन टीवी इंडिया और अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों का प्रबंध निदेशक बताता था, के खिलाफ लखनऊ, मुंबई, जयपुर, पटियाला, बडोदरा, उदयपुर, ग्वालियर, पणजी और गोरखपुर सहित कई प्रदेशों में फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में कुल 12 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस संबंध में सीओ कैंट अरुण कुमार यश ने बताया कि फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर शहर लेकर आ रही है। पूछताछ के बाद मामले का खुलासा किया जाएगा।


