कटनी. कटनी जंक्शन रेलवे स्टेशन एक बार फिर एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना का केंद्र बन गया है। गुरुवार सुबह प्लेटफॉर्म नंबर 5 के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक पोटली में नवजात बच्ची का शव मिलने से स्टेशन परिसर में हडक़ंप मच गया। जानकारी के अनुसार, सुबह के समय सफाई कर्मचारी और रेलवे अधिकारी प्लेटफॉर्म का नियमित निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान ट्रैक के किनारे एक संदिग्ध पोटली दिखाई दी। पहले तो इसे सामान्य कचरा समझा गया, लेकिन संदेह होने पर जब पोटली को खोलकर देखा गया, तो उसमें एक नवजात बच्ची का शव मिला। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए और तुरंत इसकी सूचना रेलवे प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही रेलवे प्रबंधन ने जीआरपी को सूचित किया। कुछ ही देर में जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और पूरे घटनास्थल को घेरकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बारीकी से निरीक्षण करते हुए आसपास के क्षेत्र का मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की। इसके बाद नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
बच्ची की पहचान नहीं
जीआरपी थाना प्रभारी एलपी कश्यप ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है और जांच सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है। फिलहाल बच्ची की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि नवजात को यहां कब और किन परिस्थितियों में छोड़ा गया।
खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज
घटना की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि फुटेज से यह सुराग मिल सकता है कि संदिग्ध व्यक्ति कौन था और वह किस समय प्लेटफॉर्म तक पहुंचा। इसके अलावा आसपास के अस्पतालों, नर्सिंग होम और प्रसूति केंद्रों से हाल ही में हुए प्रसव का रिकॉर्ड भी जुटाया जा रहा है, ताकि नवजात की पहचान कर उसके परिवार तक पहुंचा जा सके।
जीवित फेंका या मृत, पीएम से होगा खुलासा
इस मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि बच्ची को जब यहां छोड़ा गया, उस समय वह जीवित थी या नहीं। यह तथ्य पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। यदि बच्ची को जीवित अवस्था में छोड़ा गया था, तो यह मामला और भी गंभीर हो सकता है। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही इस हृदयविदारक घटना के पीछे के कारणों और जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सकेगा।
उत्कल एक्सप्रेस में नवजात छोडऩे वाली महिला पर दर्ज हुआ केस
उत्कल एक्सप्रेस के एस-4 कोच में नवजात के मिलने के मामले ने रेल प्रशासन और जीआरपी को अलर्ट कर दिया है। मामले में जीआरपी ने एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए महिला का डीएनए मिलान कराने हेतु जिला अस्पताल में ब्लड सैंपल लिया है। घटना 30 मार्च की है, जब ट्रेन क्रमांक 18478 उत्कल एक्सप्रेस के एस-4 कोच के टॉयलेट में एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला था। सूचना मिलते ही जीआरपी ने शिशु को तत्काल सुरक्षित कर उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा। इसी दौरान ट्रेन में एक महिला के अत्यधिक रक्तस्राव की जानकारी मिलने पर जांच तेज की गई। संदेह के आधार पर शहडोल स्टेशन पर महिला और उसके परिजनों को ट्रेन से उतार लिया गया। पूछताछ में महिला ने पहले पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन बाद में उसने नवजात को छोडऩे की बात स्वीकार कर ली। जीआरपी ने उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 93 के तहत मामला दर्ज किया है। जीआरपी थाना प्रभारी एलपी कश्यप ने बताया कि महिला ने बताया कि उसने अपने पति के डर के कारण यह कदम उठाया। महिला मूल रूप से सम्बलपुर की रहने वाली है और कुछ समय से अपने माता-पिता के साथ मेरठ में रह रही थी, जिसकी जानकारी उसके परिवार को भी नहीं थी। फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और डीएनए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे आगे की कार्रवाई की दिशा तय होगी, वहीं नवजात की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।


