विवाहिता की संदिग्ध मौत, पीहर पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप

विवाहिता की संदिग्ध मौत, पीहर पक्ष ने लगाया हत्या का आरोप

जैसलमेर जिले के चूंधी गांव में 23 वर्षीया विवाहिता की संदिग्ध मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बताया जाता है कि समिता पुत्री ओमाराम ने अपने ससुराल में फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। जब इसकी जानकारी समिता के पीहर पक्ष को दी गई तो उन्होंने ससुराल वालों पर समिता की हत्या करने का संदेह जाहिर किया। जानकारी के अनुसार समिता की शादी वर्ष 2018 में चूंधी निवासी तरुण राम के साथ हुई थी। मृतका के दो छोटे बच्चे हैं। समिता का शव जिला अस्पताल जवाहिर चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया गया है। जहां शुक्रवार को दिनभर बड़ी संख्या में पीहर पक्ष और अन्य लोग जमा रहे। मृतका के पीहर पक्ष का आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं है बल्कि सुनियोजित रूप से की गई हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि समिता के शरीर पर चोट के कई निशान थे, उसका चेहरा सूजा हुआ था और हाथों पर भी घाव दिखाई दे रहे थे।

देवर ने दी आत्महत्या की जानकारी

मृतका के पीहर पक्ष ने बताया कि उन्हें समिता के देवर की ओर से फोन कर आत्महत्या की सूचना दी गई। वे जब मौके पर पहुंचे तो हालात देखने पर उनका शक और गहरा गया। समिता का पीहर भणियाणा क्षेत्र की सरदारसिंह की ढाणी में है। मोर्चरी के बाहर पहुंचे कोतवाली थानाधिकारी सुरजाराम जाखड़ ने मृतका के परिवारजनों से बात की। उन्होंने बताया कि मृतका का पोस्टमार्टम करवाने के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है लेकिन अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

प्रवर्तन कार्रवाई से जुर्माना वसूली में भी हुई बड़ी बढ़ोतरी

जैसलमेर. परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व अर्जन के मामले में प्रगति दर्ज की है। विभाग को 52.48 करोड़ रुपए का लक्ष्य मिला था, जिसके मुकाबले 46.38 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया गया। यह निर्धारित लक्ष्य का 88.38 प्रतिशत है। पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग ने 43.03 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया था। इस बार 46.38 करोड़ रुपए की प्राप्ति के साथ राजस्व में 108 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। ओटीटी मद में 104 प्रतिशत तथा नॉन ओटीटी मद में 112 प्रतिशत की वृद्धि सामने आई है। प्रवर्तन कार्यों में भी विभाग ने सख्ती बरती। वर्ष 2025-26 में 1.74 करोड़ रुपए की जुर्माना राशि वसूल की गई, जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1.10 करोड़ रुपए था। इस प्रकार जुर्माना वसूली में 158 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। जिला परिवहन अधिकारी टीकू राम के अनुसार नियमित मॉनिटरिंग, सघन जांच अभियान और नियमों की सख्त पालना से यह उपलब्धि संभव हो पाई है।

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