भणियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में गर्मी की दस्तक के साथ पेयजल संकट के हालात उत्पन्न होने लगे है। कई गांवों व ढाणियों में महिनों से जलापूर्ति बंद पड़ी है। साथ ही जलदाय विभाग की ओर से शुरू किए गए टैंकर भी नहीं पहुंच रहे है। जिसके कारण ग्रामीणों के साथ मवेशी का बेहाल हो रहा है। भणियाणा उपखंड क्षेत्र के खींवसर व पोकरणों की ढाणी के भंवरसिंह सहित ग्रामीणों ने बताया कि यहां गत एक वर्ष से जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से लडख़ड़ाई हुई है। गर्मी के मौसम की शुरुआत में ही हालात बिगडऩे लगे है। पानी की खपत व मांग बढऩे के कारण ग्रामीणों को महंगे दामों में पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदारों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पशुकुंड में कीचड़, दम तोड़ रहे पशु
उन्होंने बताया कि यहां निर्मित पशुकुंड सूखे पड़े है। पुराना पानी भी कीचड़ में तब्दील हो गया है और काई जमा हो गई है। पानी नहीं मिलने के कारण मवेशी जंगलों में भटककर दम तोड़ रहे है। कई बार मवेशी पशुकुंड में पानी की आस में उसमें गिर जाते है। जिन्हें निकालने के लिए ग्रामीणों को मशक्कत करनी पड़ रही है।
नहीं पहुंच रहे टैंकर, मंगवाना पड़ रहा पानी
ग्रामीणों ने बताया कि जलदाय विभाग की ओर से जलापूर्ति सुचारु नहीं की जा रही है। साथ ही 1 अप्रेल से शुरू किए गए टैंकर भी यहां नहीं पहुंच रहे है। ऐसे में ग्रामीणों को अपने स्तर पर टैंकरों से पानी खरीदकर पशुकुंड में डलवाना पड़ रहा है। जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है।
सुनवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी
पत्रिका की ओर से चलाए जा रहे मोहल्ला मीटिंग कार्यक्रम के अंतर्गत राजस्थान पत्रिका ने शुक्रवार को जैसलमेर के छंगाणी पाड़ा स्थित विधायक पाटा पर विविध वर्गों के लोगों से बातचीत की। इसमें छंगाणी पाड़ा और गोयदानी पाड़ा इलाके की विभिन्न समस्याओं पर प्रकाश डाला गया। क्षेत्र के बाशिंदों ने खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखीं और मूलभूत सुविधाओं की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताई। इलाके के जयकिशन शर्मा ने वार्ड में आवारा श्वानों की बढ़ती तादाद का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि ये श्वान आए दिन आवाजाही करने वाले लोगों के अलावा क्षेत्र में निवासरत परिवारों के लिए खतरे का सबब बने हुए हैं। वहीं बृजरतन गोयदानी ने पानी की कम प्रेशर के कारण अनियमित सप्लाई की समस्या बताई, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व पार्षद कमलेश छंगाणी और गणपतसिंह पूनमनगर ने बिजली की आंख-मिचौली और सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए। स्थानीय लोगों ने बताया कि बार-बार बिजली कटौती और गंदगी के कारण सामान्य जीवन प्रभावित हो रहा है। बैठक में बताया गया कि कई पुराने और जर्जर मकानों के ढहने का भय भी व्याप्त है। आगामी बरसाती सीजन से पहले यह एक बड़ी समस्या है।
मीटिंग में यह रहे मौजूद
बैठक में सुरेश चूरा, उपेन्द्र आचार्य, लीलाधर, जयनारायण छंगाणी, अरविंद छंगाणी, संजय सिंह, भंवरलाल जोशी, भगवान दास पनपालिया, कुणाल छंगाणी, जगदीश वासु, महेंद्र सिंह परिहार, साजन अली और देवीसिंह राजपुरोहित आदि मौजूद रहे। मोहल्ला मीटिंग में लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा और क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं में सुधार देखने को मिलेगा।


