Kota News: कोटड़ी स्थित सुप्रसिद्ध और प्राचीन श्री पर्वता हनुमान मंदिर में आयोजित दो दिवसीय हनुमान जन्म महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और अपार जन-उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर समूचा क्षेत्र अध्यात्म के रंग में रंगा नजर आया और मंदिर परिसर में सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों का सैलाब उमड़ा रहा। आयोजन के दौरान ‘जय श्रीराम’ और ‘जय बजरंगबली’ के गगनभेदी उद्घोषों से वातावरण गुंजायमान रहा। दो दिनों तक चले इस धार्मिक अनुष्ठान का समापन एक विशाल जन-भंडारे के साथ हुआ। जिसमें 5000 से अधिक श्रद्धालुओं ने बेहद अनुशासित ढंग से पंक्तिबद्ध होकर महाप्रसादी ग्रहण की।
महोत्सव के प्रथम चरण में 2 अप्रेल को ब्रह्ममुहूर्त में भगवान मारुति नंदन का वैदिक विधि-विधान और सस्वर मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत अभिषेक किया गया। विद्वान पंडितों के सानिध्य में संपन्न हुए इस अभिषेक के पश्चात प्रभु का अलौकिक और दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसकी छटा देखते ही बन रही थी। स्वर्ण और रजत आभूषणों के साथ फूलों के विशेष श्रृंगार ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके उपरांत भगवान को छप्पन भोग का भव्य नैवेद्य अर्पित किया गया। दोपहर के समय श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से किए गए सुंदरकांड और हनुमान चालीसा के पाठ ने संपूर्ण परिसर को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।
संध्याकाल में आयोजित भव्य महाआरती के बाद भजन संध्या का आगाज हुआ, जिसमें आमंत्रित सुप्रसिद्ध भजन गायकों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय प्रस्तुतियां दीं। देर रात तक चले इस सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रम में भक्त भक्ति रस में डूबकर झूमते और नृत्य करते नजर आए।
महोत्सव के दूसरे दिन 3 अप्रेल को कार्यक्रम अपनी भव्यता के चरम पर रहा। शाम 6 बजे प्रभु को विशेष भोग लगाने के पश्चात विशाल आम भंडारे का शुभारंभ किया गया। मंदिर प्रबंधन की ओर से की गई चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के बीच हजारों की संख्या में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने पूरी श्रद्धा के साथ भोजन प्रसादी ग्रहण की। भंडारे का यह सिलसिला देर रात तक अनवरत चलता रहा, जो मंदिर के प्रति जन-मानस की अगाध श्रद्धा को प्रदर्शित कर रहा था।
मंदिर के पुजारी महेंद्र एवं करण ने बताया कि हनुमान जयंती महोत्सव प्रत्येक वर्ष हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, लेकिन इस वर्ष भक्तों की सहभागिता और सहयोग ने इसे एक नया स्वरूप प्रदान किया है। उन्होंने इस सफल आयोजन के लिए सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हनुमान जी की कृपा से यह महोत्सव भविष्य में भी इसी प्रकार सेवा और समर्पण का केंद्र बना रहेगा।


