North Western Railway: जयपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे जोन में वर्तमान में 1546 किलोमीटर नई लाइन, डबलिंग और गेज परिवर्तन का कार्य जारी है, जिस पर 19 हजार 680 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा 1340 किलोमीटर की परियोजनाओं की डीपीआर रेलवे बोर्ड को भेजी जा चुकी है, जबकि 2451 किलोमीटर के लिए 30 सर्वे जारी हैं। यह बात जोन के महाप्रबंधक अमिताभ ने गुरुवार को मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कही।
उन्होंने वर्ष कार्य योजना की जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 में रेलवे ने अपने कुल बजट का 100 प्रतिशत उपयोग किया। राजस्व के क्षेत्र में भी जोन ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 8622 करोड़ रुपए की आय अर्जित की, जो अब तक की सर्वाधिक है। इस दौरान सीपीआरओ अमित सुदर्शन, अपर महाप्रबंधक अशोक माहेश्वरी, जयपुर मंडल रेल प्रबंधक रवि जैन, प्रमुख वित्त सलाहकार गीतिका पांडेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
5549 किलोमीटर रेल ट्रैक का विद्युतीकरण पूरा
विद्युतीकरण के क्षेत्र में उत्तर पश्चिम रेलवे ने 5549 किलोमीटर रेल ट्रैक का विद्युतीकरण पूरा कर लिया है, जो ब्रॉड गेज मार्ग का लगभग 99 प्रतिशत है। शेष 10 रूट किलोमीटर (अरनिया खुर्द-लालसोट) का विद्युतीकरण जून 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है। वर्तमान में 78 % कोचिंग ट्रेनें एवं लगभग 61 % मालगाड़ियां विद्युत ट्रैक्शन पर संचालित हो रही हैं।
कवच प्रणाली 1586 किमी ट्रैक पर कार्य जारी
उत्तर पश्चिम रेलवे पर सुरक्षा को और सुदृढ़ बनाने के लिए कवच प्रणाली के अंतर्गत 5561 किलोमीटर रेल नेटवर्क स्वीकृत किया गया है। जिसमें 1586 किलोमीटर में कार्य प्रगति पर है। यह कार्य तीन चरणों में किया जा रहा है प्रथम चरण में ऑप्टिकल फाइबर केबल डालने दूसरे चरण में टावर लगाने एवं तीसरे चरण में स्टेशन भवनों पर कवच का कार्य शामिल है।
ऑप्टिकल फाइबर केबल का लगभग 72 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। टावर स्थापना का कार्य प्रगति पर है। यात्री सुविधाओं में सुधार हेतु उत्तर पश्चिम रेलवे ने कई कदम उठाए हैं। रेल मदद पोर्टल पर शिकायत निवारण में उत्तर पश्चिम रेलवे पूरे भारतीय रेलवे में दूसरे स्थान पर रहा है।
77 स्टेशनों का 4100 करोड़ की लागत से रिडेवलपमेंट
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 77 स्टेशनों का लगभग 4100 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास किया जा रहा है। 22 मई 2025 को पीएम मोदी ने 5 स्टेशनों का उद्घाटन किया था, जबकि 7 अन्य स्टेशन तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा 100 प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाकर हाई लेवल किया जा चुका है तथा 50 प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाकर हाई लेवल करने का कार्य प्रगति पर हैं। साथ ही 162 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म शैल्टर का कार्य स्वीकृत है।


