भास्कर न्यूज | बेलहर बेलहर का मसमाता पंचायत आज भी मूलभूत समस्या से जूझ रहा है। पंचायत के धावाटांड़ टोला में तो ग्रामीणों को आने-जाने के लिए पहुंच पथ भी नहीं है। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित सांसद एवं विधायक सेबी गुहार लगा चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस है। धावाटांड़ टोला में अब तक सड़क नहीं बनी है। पंचायत की 7800 जनसंख्या एवं 7600 मतदाताओं वाला बसमाता पंचायत अभी भी मूलभूत समस्याओं से महरूम है। पंचायत में एक उप स्वास्थ्य केंद्र, एक उच्च विद्यालय, दो मध्य विद्यालय, एवं पांच प्राथमिक विद्यालय उपलब्ध हैं। पंचायत के 11 वार्डों में एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र भी है। पंचायत के बेला, चिंगुलिया, झुनका एवं बसमात्ता चार मुख्य गांव तथा तिनचुंआ, रगदानगर, धावाटांड़, घासीटोला, भेड़ीबथान आदि पांच छोटे-छोटे टोले भी हैं। पंचायत स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र वर्षों पुराना है, लेकिन नर्स के भरोसे ही चलता है। उप स्वास्थ्य केंद्र में एक भी एमबीबीएस डॉक्टर वर्षों बाद भी पदस्थापित नहीं हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को नर्स से ही इलाज करवाना पड़ता है और डिलीवरी करवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर ही आना पड़ता है। इस उपकेंद्र में छह बेड वाली प्रसव केंद्र की भी व्यवस्था है। गंभीर बीमारी एवं प्रसव करवाने के लिए पंचायत के लोगों को 6 किलोमीटर दूर का सफर करना पड़ता है। पंचायत में अभी तक पंचायत सरकार भवन नहीं बन पाया है। पंचायत सरकार भवन का निविदा निकाल कर आधे से अधिक का कार्य किया जा चुका है, लेकिन शेष कार्य 3 वर्षों से अधूरा है। पंचायत में सिंचाई की कोई ठोस सुविधा नहीं है। बसमाता पंचायत में 11 वार्ड में सिर्फ 9 में ही आंगनबाड़ी है। उपरोक्त संचालित नौ आंगनबाड़ी केंद्रों में किसी का अपना भवन पूर्ण नहीं है। इसलिए सभी आंगनबाड़ी केंद्र निजी भवन में चल रहे हैं। कुल मिलाकर पंचायत में मूलभूत समस्याओं का घोर अभाव है। मुखिया विजय हांसदा ने कहा कि उनके कार्यकाल में अनेकों विकास की योजनाएं हुई है। विभिन्न विभागों एवं योजनाओं से कई छोटे-छोटे तालाब, बांध, चेकडैम, चौपाल, कई सरकारी भवनों का मरम्मतीकरण एवं पीसीसी सड़क इत्यादि का निर्माण कराया गया है। . आबादी : 7800 . मतदाता : 7600 . आंगनबाड़ी : 09 अभी तक पंचायत सरकार भवन नहीं बना मसमाता पंचायत भास्कर न्यूज | बेलहर बेलहर का मसमाता पंचायत आज भी मूलभूत समस्या से जूझ रहा है। पंचायत के धावाटांड़ टोला में तो ग्रामीणों को आने-जाने के लिए पहुंच पथ भी नहीं है। समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित सांसद एवं विधायक सेबी गुहार लगा चुके हैं लेकिन समस्या जस की तस है। धावाटांड़ टोला में अब तक सड़क नहीं बनी है। पंचायत की 7800 जनसंख्या एवं 7600 मतदाताओं वाला बसमाता पंचायत अभी भी मूलभूत समस्याओं से महरूम है। पंचायत में एक उप स्वास्थ्य केंद्र, एक उच्च विद्यालय, दो मध्य विद्यालय, एवं पांच प्राथमिक विद्यालय उपलब्ध हैं। पंचायत के 11 वार्डों में एक-एक आंगनबाड़ी केंद्र भी है। पंचायत के बेला, चिंगुलिया, झुनका एवं बसमात्ता चार मुख्य गांव तथा तिनचुंआ, रगदानगर, धावाटांड़, घासीटोला, भेड़ीबथान आदि पांच छोटे-छोटे टोले भी हैं। पंचायत स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र वर्षों पुराना है, लेकिन नर्स के भरोसे ही चलता है। उप स्वास्थ्य केंद्र में एक भी एमबीबीएस डॉक्टर वर्षों बाद भी पदस्थापित नहीं हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को नर्स से ही इलाज करवाना पड़ता है और डिलीवरी करवाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलहर ही आना पड़ता है। इस उपकेंद्र में छह बेड वाली प्रसव केंद्र की भी व्यवस्था है। गंभीर बीमारी एवं प्रसव करवाने के लिए पंचायत के लोगों को 6 किलोमीटर दूर का सफर करना पड़ता है। पंचायत में अभी तक पंचायत सरकार भवन नहीं बन पाया है। पंचायत सरकार भवन का निविदा निकाल कर आधे से अधिक का कार्य किया जा चुका है, लेकिन शेष कार्य 3 वर्षों से अधूरा है। पंचायत में सिंचाई की कोई ठोस सुविधा नहीं है। बसमाता पंचायत में 11 वार्ड में सिर्फ 9 में ही आंगनबाड़ी है। उपरोक्त संचालित नौ आंगनबाड़ी केंद्रों में किसी का अपना भवन पूर्ण नहीं है। इसलिए सभी आंगनबाड़ी केंद्र निजी भवन में चल रहे हैं। कुल मिलाकर पंचायत में मूलभूत समस्याओं का घोर अभाव है। मुखिया विजय हांसदा ने कहा कि उनके कार्यकाल में अनेकों विकास की योजनाएं हुई है। विभिन्न विभागों एवं योजनाओं से कई छोटे-छोटे तालाब, बांध, चेकडैम, चौपाल, कई सरकारी भवनों का मरम्मतीकरण एवं पीसीसी सड़क इत्यादि का निर्माण कराया गया है। . आबादी : 7800 . मतदाता : 7600 . आंगनबाड़ी : 09 अभी तक पंचायत सरकार भवन नहीं बना मसमाता पंचायत


