जगदीशपुर में मजदूरों ने ब्लैक डे मनाया:लेबर कोड-भ्रष्टाचार के खिलाफ खोला मोर्चा, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

जगदीशपुर में मजदूरों ने ब्लैक डे मनाया:लेबर कोड-भ्रष्टाचार के खिलाफ खोला मोर्चा, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

भागलपुर में जगदीशपुर प्रखंड के मोदीपुर में गुरुवार को ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) से जुड़े मजदूरों ने ‘काला दिवस’ मनाया। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए मजदूर विरोधी चार लेबर कोड कानूनों और सामाजिक सुरक्षा में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ था। मजदूरों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया। ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने जगदीशपुर प्रखंड के मोहद्दीपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कॉरपोरेट और पूंजीपति वर्ग के हित में काम कर रही है, जबकि महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे मेहनतकशों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। मुक्त ने आगे कहा कि इन लेबर कोड के लागू होने से मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा अधिकार कमजोर हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की इस एकतरफा और मजदूर विरोधी नीति का हर स्तर पर जवाब दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर अभियान का नेतृत्व कर रहे ऐक्टू के संयुक्त जिला सचिव राजेश कुमार ने लेबर कार्यालय में मजदूरों की समस्याओं की सुनवाई न होने का आरोप लगाया। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि निबंधन और नवीकरण की नियमावली में लगातार बदलाव से मजदूरों को परेशानी हो रही है। राजेश कुमार ने बताया कि ऐप अपडेट और नई प्रक्रियाओं के नाम पर मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं, जिससे वे योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि निचले स्तर के अधिकारियों को प्रक्रिया में शामिल करने से भ्रष्टाचार बढ़ा है, जिसके कारण मजदूर ठगी और शोषण का शिकार हो रहे हैं। राजेश कुमार ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो लेबर कार्यालय का हर स्तर पर घेराव किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन और असंगठित कामगार महासंघ से जुड़े बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष मजदूर शामिल हुए। भागलपुर में जगदीशपुर प्रखंड के मोदीपुर में गुरुवार को ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स (ऐक्टू) से जुड़े मजदूरों ने ‘काला दिवस’ मनाया। यह विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए मजदूर विरोधी चार लेबर कोड कानूनों और सामाजिक सुरक्षा में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ था। मजदूरों ने एकजुट होकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन तेज करने का संकल्प लिया। ऐक्टू के राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त ने जगदीशपुर प्रखंड के मोहद्दीपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए लेबर कोड मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कॉरपोरेट और पूंजीपति वर्ग के हित में काम कर रही है, जबकि महंगाई और बेरोजगारी से जूझ रहे मेहनतकशों की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। मुक्त ने आगे कहा कि इन लेबर कोड के लागू होने से मजदूरों के सामाजिक सुरक्षा अधिकार कमजोर हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार की इस एकतरफा और मजदूर विरोधी नीति का हर स्तर पर जवाब दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर अभियान का नेतृत्व कर रहे ऐक्टू के संयुक्त जिला सचिव राजेश कुमार ने लेबर कार्यालय में मजदूरों की समस्याओं की सुनवाई न होने का आरोप लगाया। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए कहा कि निबंधन और नवीकरण की नियमावली में लगातार बदलाव से मजदूरों को परेशानी हो रही है। राजेश कुमार ने बताया कि ऐप अपडेट और नई प्रक्रियाओं के नाम पर मजदूरों के अधिकार छीने जा रहे हैं, जिससे वे योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि निचले स्तर के अधिकारियों को प्रक्रिया में शामिल करने से भ्रष्टाचार बढ़ा है, जिसके कारण मजदूर ठगी और शोषण का शिकार हो रहे हैं। राजेश कुमार ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो लेबर कार्यालय का हर स्तर पर घेराव किया जाएगा। इस कार्यक्रम में बिहार राज्य निर्माण मजदूर यूनियन और असंगठित कामगार महासंघ से जुड़े बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष मजदूर शामिल हुए।  

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