काशी हिन्दू विश्वविद्यालय परिसर स्थित हिन्दी विभाग में समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई के अध्यक्ष द्वारा एक छात्र की जाति पूछकर उसके साथ मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने की घटना पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नाराजगी जताई है। पत्र जारी करते हुए संगठन ने कहा – विश्वविद्यालय जैसे पावन शिक्षण संस्थान में इस प्रकार के आपराधिक और जातिवादी कृत्य करने वाले तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं है। अभाविप यह स्पष्ट रूप से मांग करती है की उक्त घटनाक्रम में पीड़ित छात्र के साथ जाति पूछ कर मारपीट एवं जान से मारने की धमकी की घटना को गंभीरतापूर्वक लेते हुए प्रशासन उचित कार्यवाई सुनिश्चित करे। अब जानिए संगठन के पदाधिकारियों ने क्या कहा इकाई अध्यक्ष पल्लव सुमन ने कहा – लंबे समय से कुछ राजनीतिक दलों के असामाजिक तत्व अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए परिसर को अस्थिर करने का प्रयास कर रहे हैं। हमने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि दोषी आपराधिक तत्वों को तत्काल चिन्हित कर उन पर कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाए।” इकाई उपाध्यक्ष प्रदीप यादव ने कहा – विश्वविद्यालय परिसर में इस प्रकार के घृणित कृत्य के लिए कोई स्थान नहीं है। हम प्रशासन से दोषी पर कार्यवाही कर यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते है है कि पीड़ित छात्र को पूर्ण सुरक्षा प्रदान की जाए और परिसर में भयमुक्त वातावरण कायम किया जाए ताकि आम छात्र इन विभाजनकारी आपराधिक तत्वों से सुरक्षित रह सकें। अब जानिए क्या है पूरा मामला छात्र प्रशांत मिश्रा ने आरोप लगाया कि क्लास करने के लिए वह हिंदी विभाग गया, जहां हिमांशु यादव ने उसे रोककर पहले नाम पूछा और जाति पूछा। पीड़ित का आरोप है कि उसने भी हिमांशु से उसका नाम और कोर्स पूछा जिस पर हिमांशु ने सबके सामने उसे गाली देते हुए पीटने लगा। इस दौरान जाति सूचक गाली देते हुए हिमांशु यादव ने जान से मारने की धमकी दी। यह पूरा प्रकरण का वीडियो विभाग के लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है। छात्र की पिटाई के मामले को पुलिस संज्ञान में लिया। छात्र की शिकायत पर पुलिस ने समाजवादी छात्र सभा के बीएचयू इकाई अध्यक्ष हिमांशु यादव पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।


