पश्चिमी चम्पारण के बैरिया अंचल क्षेत्र के बलुआ रमपुरवा गांव में अचानक लगी भीषण आग से काशी मुखिया का घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इस दौरान आसपास के कई घर भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। आग की भयावहता से गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अपनी जान-माल बचाने में जुट गए। इस अगलगी में करीब 50 हजार रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। घर में रखे कपड़े, बर्तन और अनाज पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। वहीं, हादसे में पांच बकरियों की जलकर मौत हो गई, जबकि एक गाय झुलस गई, जिससे पशुपालक को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घटना की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। पीड़ित परिवार ने सरकारी सहायता की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में दमकल की सुविधा होती, तो आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था और नुकसान कम होता। फिलहाल परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है। पश्चिमी चम्पारण के बैरिया अंचल क्षेत्र के बलुआ रमपुरवा गांव में अचानक लगी भीषण आग से काशी मुखिया का घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जाता है कि आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने आग बुझाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उस पर काबू पाना मुश्किल हो गया। इस दौरान आसपास के कई घर भी आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए। आग की भयावहता से गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अपनी जान-माल बचाने में जुट गए। इस अगलगी में करीब 50 हजार रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। घर में रखे कपड़े, बर्तन और अनाज पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए। वहीं, हादसे में पांच बकरियों की जलकर मौत हो गई, जबकि एक गाय झुलस गई, जिससे पशुपालक को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घटना की सूचना प्रशासन को दे दी गई है। पीड़ित परिवार ने सरकारी सहायता की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में दमकल की सुविधा होती, तो आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था और नुकसान कम होता। फिलहाल परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।


