नगर निगम की टीम ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए गुरुवार को बड़ी कार्रवाई की है। हरिहरपुर, तहसील सरोजनी नगर के गाटा संख्या 221 में 0.658 हेक्टेयर ऊसर भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर कमर्शियल प्लाट बेच दिया गया था। बिल्डरों ने यहां अवैध निर्माण कर आम लोगों को बेच दिया था। बिल्डरों में जेपी यादव, दुर्गा यादव सहित अन्य लोग हैं। इसमें 15-20 दिन से अवैध निर्माण को रुकवाने में नगर निगम की टीम लगी थी। फ्लैट बनाकर छत डाल दी थी फिर भी अवैध कब्जा कर यहां पर फ्लैट बना लिया गया था। छत डाल दी गई थी। नींव भी खोदी जा रही थी। कब्जा करने वालों के 12 प्लाट जेसीबी मशीन से ध्वस्त कर दिए गए। यहां पर बिल्डिंग भी निर्माणाधीन थी। इस कार्रवाई से करीब 50,000 वर्ग फीट महंगी सरकारी जमीन कब्जे से मुक्त हुई, जिसकी बाजार मूल्य लगभग 30 करोड़ रुपए बताई जा रही है। नायब तहसीलदार नगर निगम तेजस्वी प्रकाश के नेतृत्व में हुई इस अभियान में नगर निगम राजस्व निरीक्षक प्रदीप गिरी, लेखपाल अजीत तिवारी और ईटीएफ फोर्स की टीम मौजूद रही। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से बने प्लाटों को पूरी तरह तोड़ दिया है। ऊसर जमीन पर किया था कब्जा राजस्व अभिलेखों में ऊसर दर्ज इस सरकारी जमीन पर कुछ लोगों ने व्यवसायिक प्लाटिंग शुरू कर दी थी। जिससे नगर निगम की सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास हो रहा था। स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन प्रशासन ने शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कार्यवाही पूरी कर ली।नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि अवैध कब्जा हटाकर सरकारी भूमि को बचाने की मुहिम जारी रहेगी। इस सफल अभियान से न सिर्फ करोड़ों की संपत्ति बचाई गई, बल्कि अवैध प्लाटिंग के रैकेट को भी बड़ा झटका लगा है।


