पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) ने गुरुवार को संसद में सहरसा के ईंट भट्ठे में नाबालिग लड़कियों के साथ हुए अमानवीय व्यवहार का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह मामला सहरसा सदर थाना इलाके के स्टार ईट भट्ठे से जुड़ा है, जहां चिमनी मालिक ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मुखिया पर असम के दिहाड़ी मजदूरों की नाबालिग बेटियों के साथ दुष्कर्म और रात भर नाच कराने का आरोप है। इस मामले में दिहाड़ी मजदूर की एक पत्नी को उसके बेटी को जबरदस्ती ले जाया जा रहा था जिसके विरोध करने पर उसे महिला को गोली मारी गई। जख्मी को चिमनी मलिक के द्वारा निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा था लेकिन पुलिस को जानकारी नहीं दी गई थी। ईट भट्ठा पर पहुंचकर मामले की जांच की
गुप्त सूचना पर पुलिस को जानकारी यह मिली कि एक महिला को गोली लगी है इसके बाद पुलिस ने हरकत में आकर ईट भट्ठा पर पहुंचकर मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि असम के दिहाड़ी मजदूरों की कई बेटियों के साथ कई घिनौना काम को अंजाम दिया जा रहा है। इस घटना के संबंध में सहरसा थाने में दो और महिला थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने चिमनी मालिक और उसके एक मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बेटियों के लगातार हो रहे शोषण पर चिंता व्यक्त की
लोकसभा में अपनी बात रखते हुए सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बेटियों के लगातार हो रहे शोषण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सहरसा के अलावा छपरा और नालंदा जैसे अन्य स्थानों पर भी ऐसी घटनाओं का जिक्र किया। सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि बेटियों के लिए अलग से छात्रावास की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल के तहत कार्रवाई करने और उन्हें फांसी की सजा दिए जाने की भी मांग की। पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन (पप्पू यादव) ने गुरुवार को संसद में सहरसा के ईंट भट्ठे में नाबालिग लड़कियों के साथ हुए अमानवीय व्यवहार का मुद्दा उठाया। उन्होंने केंद्र सरकार से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह मामला सहरसा सदर थाना इलाके के स्टार ईट भट्ठे से जुड़ा है, जहां चिमनी मालिक ओवेश करनी उर्फ चुन्ना मुखिया पर असम के दिहाड़ी मजदूरों की नाबालिग बेटियों के साथ दुष्कर्म और रात भर नाच कराने का आरोप है। इस मामले में दिहाड़ी मजदूर की एक पत्नी को उसके बेटी को जबरदस्ती ले जाया जा रहा था जिसके विरोध करने पर उसे महिला को गोली मारी गई। जख्मी को चिमनी मलिक के द्वारा निजी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा था लेकिन पुलिस को जानकारी नहीं दी गई थी। ईट भट्ठा पर पहुंचकर मामले की जांच की
गुप्त सूचना पर पुलिस को जानकारी यह मिली कि एक महिला को गोली लगी है इसके बाद पुलिस ने हरकत में आकर ईट भट्ठा पर पहुंचकर मामले की जांच की। जांच में सामने आया कि असम के दिहाड़ी मजदूरों की कई बेटियों के साथ कई घिनौना काम को अंजाम दिया जा रहा है। इस घटना के संबंध में सहरसा थाने में दो और महिला थाने में एक मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने चिमनी मालिक और उसके एक मुंशी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। बेटियों के लगातार हो रहे शोषण पर चिंता व्यक्त की
लोकसभा में अपनी बात रखते हुए सांसद पप्पू यादव ने बिहार में बेटियों के लगातार हो रहे शोषण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सहरसा के अलावा छपरा और नालंदा जैसे अन्य स्थानों पर भी ऐसी घटनाओं का जिक्र किया। सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि बेटियों के लिए अलग से छात्रावास की व्यवस्था की जाए। उन्होंने आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल के तहत कार्रवाई करने और उन्हें फांसी की सजा दिए जाने की भी मांग की।


