सुल्तानपुर में पूर्व प्राचार्य की जांच समिति पर गंभीर सवाल:शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त से स्वतंत्र एजेंसी से जांच की उठाई मांग

सुल्तानपुर में पूर्व प्राचार्य की जांच समिति पर गंभीर सवाल:शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त से स्वतंत्र एजेंसी से जांच की उठाई मांग

सुलतानपुर के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबंधित एक मामले की जांच कर रही समिति की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ता बृजेश उपाध्याय ने लोकायुक्त को एक नया प्रार्थना-पत्र भेजकर वर्तमान समिति को भंग कर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की है। उपाध्याय के अनुसार, पहले दी गई आपत्ति के बाद अब आरटीआई से प्राप्त दस्तावेजों ने जांच प्रक्रिया पर संदेह गहरा दिया है। इन दस्तावेजों से पता चला है कि महाविद्यालय में वरिष्ठ कोषाधिकारी 1 अप्रैल 2023 से वित्त नियंत्रक के पद पर कार्यरत हैं। वे कई वित्तीय निर्णयों से जुड़े रहे हैं, फिर भी उन्हें जांच समिति में शामिल किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जिन मामलों में वरिष्ठ कोषाधिकारी की सीधी भूमिका रही है, उन्हीं की जांच में उनकी भागीदारी निष्पक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन है। प्रार्थना-पत्र में डॉ. सलिल श्रीवास्तव की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं। उनका प्राचार्य पद का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, लेकिन वे वर्तमान में संस्थान में विभागाध्यक्ष (फार्माकोलॉजी) के रूप में कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता ने आशंका व्यक्त की है कि संस्थान में उनके प्रभाव के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। बृजेश उपाध्याय ने लोकायुक्त से मांग की है कि वर्तमान समिति को तत्काल भंग किया जाए और पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र बाहरी एजेंसी से कराई जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अभिलेखों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और किसी भी जांच रिपोर्ट पर अंतिम निर्णय लेने से रोक लगाई जाए। पूर्व प्राचार्य डॉ. सलिल श्रीवास्तव से जुड़े इस मामले ने जिले में हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की निगाहें लोकायुक्त के आगामी निर्णय पर टिकी हुई हैं।

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