‘रोती हुई औरत कमजोर नहीं’, 50 की एकता कपूर ने महिलाओं की स्थिति पर दिया बेबाक बयान

Ekta Kapoor On Woman Portrayal In Serials: भारतीय टेलीविजन और डिजिटल कंटेंट की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाली निर्माता एकता कपूर ने हाल ही में महिलाओं पर आधारित अपनी कहानियों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि उनके शो अक्सर ऐसी महिलाओं की कहानी क्यों दिखाते हैं जो जीवन की शुरुआत सीमित संसाधनों से करती हैं, लेकिन संघर्ष और हिम्मत के दम पर आगे बढ़ती हैं। एकता का मानना है कि यही कहानियां समाज की सच्चाई को दर्शाती हैं और दर्शकों से सीधे जुड़ती हैं।

‘रोती हुई महिला का किरदार कमजोरी नहीं’ (Ekta Kapoor On Woman Portrayal In Serials)

मोहसिन खान के साथ पॉडकास्ट में एकता कपूर ने कहा कि कई लोग ये मान लेते हैं कि अगर किसी कहानी में साड़ी पहने रोती हुई महिला दिखाई दे रही है, तो वो कमजोर किरदार होगा। लेकिन उनके अनुसार वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी महिलाएं रोजमर्रा की जिंदगी में कई तरह की चुनौतियों और तानों का सामना करती हैं और अपने अस्तित्व के लिए लगातार संघर्ष करती रहती हैं। उनका कहना है कि यही संघर्ष असली ताकत की पहचान है, जिसे अक्सर लोग समझ नहीं पाते।

सफलता का मतलब सिर्फ बड़ा पद या पैसा नहीं

एकता कपूर ने यह भी कहा कि समाज में ताकत को अक्सर केवल बड़ी नौकरी, पैसा या ऊंचे पद से जोड़कर देखा जाता है, जबकि असली मजबूती वह होती है जब कोई व्यक्ति सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी जिंदगी को बेहतर बनाने की कोशिश करता है।

उनके अनुसार वह खास तौर पर ऐसी कहानियों से प्रभावित होती हैं जिनमें महिलाएं कठिन परिस्थितियों के बावजूद आगे बढ़ने का रास्ता खुद बनाती हैं। चाहे उनके पास अच्छी परवरिश, पर्याप्त पैसे या अवसर न हों, लेकिन उनके अंदर आगे बढ़ने की इच्छा ही उन्हें खास बनाती है।

‘मेरी कहानियां उन महिलाओं की हैं जो अभी भी कोशिश कर रही हैं’

एकता कपूर का मानना है कि प्रेरणादायक कहानियां केवल उन महिलाओं की नहीं होतीं जिन्होंने सब कुछ हासिल कर लिया हो, बल्कि उन महिलाओं की भी होती हैं जो अभी अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं। उनके अनुसार संघर्ष के दौरान की यात्रा ही सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होती है और यही उनकी कहानियों की असली पहचान है।

उन्होंने कहा कि उनके प्रोजेक्ट्स में अक्सर ऐसी महिलाओं को दिखाया जाता है जो कम संसाधनों से शुरुआत करके अपनी पहचान बनाने की कोशिश करती हैं। यही कारण है कि उनकी कहानियां आम दर्शकों के जीवन से जुड़ी हुई महसूस होती हैं।

दर्शकों से जुड़ाव ही कहानियों की सबसे बड़ी ताकत

एकता कपूर ने इस बातचीत के दौरान यह भी बताया कि उनकी कहानी कहने की शैली हमेशा उन भावनाओं और परिस्थितियों से प्रेरित रही है जिन्हें आम महिलाएं अपने रोजमर्रा के जीवन में अनुभव करती हैं। उनका मानना है कि जब दर्शक किसी किरदार में खुद को देख पाते हैं, तभी कहानी असरदार बनती है।

इसी वजह से वह आज भी ऐसी कहानियां चुनती हैं जो संघर्ष, धैर्य और उम्मीद के साथ आगे बढ़ने का संदेश देती हैं। उनके मुताबिक यही कहानियां समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती हैं।

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