Digital Census: राजस्थान में 1 मई से शुरू होगा जनगणना-2027 का पहला चरण, अब खुद भी कर सकेंगे अपनी गणना

Digital Census: राजस्थान में 1 मई से शुरू होगा जनगणना-2027 का पहला चरण, अब खुद भी कर सकेंगे अपनी गणना

Rajasthan Census: चित्तौड़गढ़। देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सांख्यिकीय अभियान जनगणना-2027 की शुरुआत के साथ ही राजस्थान भी पूरी तरह तैयार है। इस बार जनगणना को आधुनिक तकनीक के साथ पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल हो सके। खास बात यह है कि पहली बार नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा दी गई है, जिससे वे स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा स्व-गणना कर इस अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई। राजस्थान में जनगणना का प्रथम चरण 1 मई 2026 से शुरू होगा। इस चरण में 1 मई से 15 मई तक नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक जनगणना अधिकारी घर-घर जाकर फील्ड सर्वे का कार्य पूरा करेंगे।

स्व-गणना के लिए नागरिक आधिकारिक पोर्टल census.gov.in पर जाकर Self-Enumeration विकल्प का चयन कर सकते हैं। राज्य का चयन, कैप्चा भरने और ओटीपी के जरिए लॉगिन करने के बाद उन्हें परिवार से जुड़े कुल 33 प्रश्नों के उत्तर भरने होंगे। प्रक्रिया पूरी होने पर एक यूनिक स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी होगा और आवश्यकता पड़ने पर जनगणना अधिकारी को दिखाना होगा।

इस बार जनगणना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए डेटा संग्रह एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) और मकान सूचीकरण ब्लॉक सृजन (HLBC) पोर्टल का उपयोग किया जा रहा है। इससे आंकड़ों की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी।

चित्तौड़गढ़ जिले में जनगणना की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले में कुल 19 जनगणना चार्ज स्थापित किए गए हैं, जिनमें 12 तहसील और 7 नगरीय क्षेत्र शामिल हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी पूरा हो चुका है, जिससे कार्य सुचारू रूप से संचालित हो सके।

इसके अलावा, जिले में 60 फील्ड ट्रेनर्स नियुक्त किए गए हैं, जिनका प्रशिक्षण 15 अप्रैल से चरणबद्ध तरीके से आयोजित किया जाएगा। राज्य स्तर पर मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण 7 से 10 अप्रैल तक जयपुर स्थित हरिश्चन्द्र माथुर राजस्थान लोक प्रशासन संस्थान में होगा।

सरकार का लक्ष्य है कि जनगणना-2027 को तकनीक आधारित, पारदर्शी और सटीक बनाकर भविष्य की नीतियों और योजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार किया जाए।

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