UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड, मार्च में हुए 22.64 अरब ट्रांजेक्शंस, जानिए डिजिटल फ्रॉड से बचने के 5 तरीके

UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड, मार्च में हुए 22.64 अरब ट्रांजेक्शंस, जानिए डिजिटल फ्रॉड से बचने के 5 तरीके

भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम तेजी से बढ़ रहा है। मार्च 2026 भारत के डिजिटल पेमेंट इतिहास में स्वर्णिम अध्याय बन गया है। UPI ने इस महीने 29.53 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन का नया रिकॉर्ड बनाया है। इसके जरिए 22.64 बिलियन ट्रांजैक्शन किए गए है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बताता है कि किस तरह से पेमेंट के साधन बदल रहे हैं। नोटबंदी के बाद से डिजिटल पेमेंट में जो तेजी आई है वह अब सामने है। लेकिन इसके साथ ही कुछ खतरे भी हैं, जिनका हर UPI उपयोगकर्ता को ध्यान रखना चाहिए।

साल दर साल मिली 19% की वृद्धि

29.53 लाख करोड़ रुपये का आंकड़ा भारत के कई राज्यों के सालाना GDP से भी बड़ा है। यह फरवरी 2026 के 26.84 लाख करोड़ रुपये की तुलना में करीब 2.69 लाख करोड़ की छलांग है यानी साल दर साल 19 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई है। यह आंकड़े बताते है कि भारत का आम नागरिक अब नकदी से नहीं, स्मार्टफोन से खरीददारी करता है। इसके साथ ही वित्त वर्ष के अंत और त्योहारी सीजन ने इस उछाल को और हवा दी।

छोटे शहरों में बढ़ रहा उपयोग

यह UPI-क्रांति अब सिर्फ मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं रही। PayNearby के संस्थापक आनंद कुमार बजाज का कहना है कि छोटे कस्बों में दुकानदार और उपभोक्ता, दोनों तेजी से डिजिटल भुगतान की ओर शिफ्ट हो रहे हैं। जहां पहले “QR Code नहीं चलेगा” कहा जाता था, वहां आज पान की दुकान से लेकर सब्जी वाले तक UPI स्वीकार कर रहे हैं।

डिजिटल रिकॉर्ड के साथ-साथ रिस्क भी रिकॉर्ड पर

इस बढ़ते डिजिटल पेमेंट के साथ-साथ एक कमी भी है वह है साइबर ठगों की। साइबर ठगों के लिए UPI का यह विस्फोट एक सुनहरा मौका बन गया है। इससे बचने के लिए सरकार द्वारा समय समय पर प्रभावी कदम उठाए जाते हैं। इनको जानना हर उपयोगकर्ता के लिए जरूरी है।

डिजिटल फ्रॉड से बचने के लिए पांच उपाय

  1. UPI PIN या OTP किसी से न बांटें। कोई भी बैंकिंग संस्थान या उससे जुड़ा कोई भी अधिकारी आपसे ये जानकारी नहीं मांगेगा। सुनिश्चित करें कि आप ये महत्वपूर्ण जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
  2. पेमेंट करने से पहले रिसीवर का नाम और ID जांचें। यह विशेष रूप से पहली बार पेमेंट करने वाले या नए संपर्कों के लिए जरूरी है।
  3. वित्तीय भुगतान करते समय किसी भी सार्वजनिक WiFi का उपयोग न करें। भुगतान के लिए मोबाइल डेटा या किसी विश्वसनीय कनेक्शन का उपयोग करें।
  4. ऐप पर मौजूद बायोमेट्रिक लॉक या मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना चाहिए।
  5. SMS अलर्ट और बैंक स्टेटमेंट नियमित चेक करते रहें। इसके साथ ही किसी भी तरह की धोखाधड़ी होने पर या कोई भी संदिग्ध ट्रांजैक्शन होने पर तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर रिपोर्ट करें।

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