एमपी में आंधी-बारिश का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से पिछले 72 घंटे से तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर चल रहा है। बुधवार को प्रदेश के आधे हिस्से में मौसम बदला रहा। वहीं, गुरुवार को भोपाल, इंदौर समेत 30 जिलों में बारिश का अलर्ट है, जबकि निमाड़ के धार, बड़वानी और झाबुआ में ओले भी गिर सकते हैं। अगले 24 घंटे के दौरान जिन जिलों में बारिश हो सकती है, उनमें ग्वालियर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, रतलाम, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, बड़वानी, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन, देवास, शाजापुर शामिल हैं। 50Km/प्रतिघंटा से चलेगी आंधी मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को छिंदवाड़ा, सिवनी और पांढुर्णा में तेज आंधी चलेगी। इसकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा तक रह सकती है। बाकी जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलेगी। इससे पहले बुधवार को भोपाल में गरज-चमक के साथ बारिश हुई। सीहोर में आंधी-बारिश के साथ ओले गिरे। इंदौर, देवास, उज्जैन, खंडवा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, रायसेन, विदिशा, रतलाम, मंदसौर, खरगोन, बड़वानी, शहडोल, शाजापुर और बालाघाट समेत कई जिलों में मौसम बदला रहा। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा एमपी में मौसम… देखिए, बुधवार को मौसम बदलने की तस्वीरें… नर्मदापुरम में पारा 40 डिग्री, जबलपुर में भी दिन गर्म रहा प्रदेश में बुधवार को बारिश, आंधी और ओले वाले मौसम के साथ गर्मी का असर भी देखने को मिला। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा तापमान 40 डिग्री दर्ज किया गया। रतलाम में 39.2 डिग्री, मंडला में 39 डिग्री, खजुराहो में 38.6 डिग्री, रायसेन, दमोह-सागर में 38 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो जबलपुर में तापमान 38.4 डिग्री, भोपाल में 37.4 डिग्री, इंदौर में 36.5 डिग्री, ग्वालियर में 36.1 डिग्री और उज्जैन में तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अभी ये सिस्टम एक्टिव प्रदेश में अभी एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ एक्टिव है। इस वजह से आंधी, बारिश और ओले का दौर चल रहा है। वहीं, प्रदेश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में दो चक्रवात और सक्रिय है। अप्रैल के पहले सप्ताह में ऐसा ही मौसम वर्तमान में प्रदेश में सिस्टम की एक्टिविटी देखने को मिल रही है। वहीं, 7 अप्रैल से एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय होगा। इसकी वजह से 10 अप्रैल तक कहीं आंधी चलेगी तो कहीं बारिश हो सकती है। इसके बाद सिस्टम आगे लौट जाएगा और गर्मी का दौर शुरू होगा। दूसरे सप्ताह में तेज गर्मी पड़ेगी। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी, नौगांव-खजुराहो में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। वहीं, दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन, धार में बढ़ोतरी होगी। दरअसल, अप्रैल महीने में प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्से में भी गर्म हवाएं चलती हैं। इस वजह से यहां भीषण गर्मी पड़ती है। अप्रैल-मई में सबसे ज्यादा गर्मी जिस तरह दिसंबर-जनवरी में सर्दी और जुलाई-अगस्त में सबसे ज्यादा बारिश होती है, उसी तरह गर्मी के दो प्रमुख महीने अप्रैल और मई हैं। इस बार मध्यप्रदेश में मार्च के दूसरे पखवाड़े में पारा 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा था। मार्च के आखिरी में टेम्प्रेचर बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार ऐसा मौसम नहीं रहा। आखिरी 3 दिन वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से पारे में गिरावट आई। इसी तरह अप्रैल के पहले पखवाड़े में मौसम का असर मिला-जुला रहेगा। अलग-अलग इलाकों में हीट वेव का आधार अलग मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, तापमान सामान्य से 5°C ज्यादा होने पर हीट वेव मानी जाती है। मैदानी, पहाड़ी और तटीय इलाकों के लिए इसका आधार अलग होता है। फरवरी-मार्च में 4-4 बार बदला मौसम इस साल जनवरी में बारिश नहीं हुई, लेकिन फरवरी और मार्च में 4-4 बार मौसम बदला। फरवरी में शुरुआत से ही दो बार ओले, बारिश और आंधी आई, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे कराया। 18 फरवरी से तीसरा दौर रहा, जिसका असर 19-21 फरवरी तक रहा। चौथा दौर 23-24 फरवरी को ओले-बारिश के रूप में आया। मार्च में गर्मी की शुरुआत हुई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी रही। दूसरे पखवाड़े में बारिश शुरू हुई और एक दौर 4 दिन चला। इस दौरान 45 से ज्यादा जिलों में आंधी-बारिश और 17 जिलों में ओले गिरे। इससे गेहूं, पपीता और केले की फसलें बर्बाद हुईं। तीसरा दौर 26-27 मार्च को रहा। 27 मार्च को सतना, रीवा, दतिया और भिंड में बारिश हुई। चित्रकूट में आंधी और बारिश से दीप सज्जा कार्यक्रम प्रभावित हुआ। चौथा दौर 29-30 मार्च को रहा। 30 मार्च को आधे प्रदेश में कहीं आंधी-बारिश और कहीं ओले गिरे। MP के 5 बड़े शहरों में अप्रैल में मौसम का ऐसा ट्रेंड… एमपी में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से गर्मी का असर तेज होने लगता है। महीने के आखिरी दिनों में तो तापमान रिकॉर्ड तोड़ देता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के 10 साल की डाटा बेस्ड स्टडी में सामने आया कि भोपाल-इंदौर में पारा 43 डिग्री तक पहुंचा जबकि जबलपुर में आंकड़े ने 44 डिग्री को छू लिया। ग्वालियर में तो तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। पिछले तीन साल इन शहरों में तेज गर्मी पड़ी। इस बार भी तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है। भोपाल: 1996 में पड़ी थी सबसे ज्यादा गर्मी, बारिश भी हुई अप्रैल में गर्मी के ट्रेंड की बात करें तो भोपाल में 29 अप्रैल 1996 को अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस पहुंचा था। इस महीने भोपाल में बारिश-आंधी के आसार भी बनते हैं। यही कारण है कि पिछले कुछ सालों से अप्रैल में बारिश का दौर चल रहा है। 20 अप्रैल 2013 को भोपाल में 24 घंटे के भीतर 30.8 मिमी यानी एक इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। वहीं, 2023 में 22.6 मिमी पानी गिरा था। 17-18 अप्रैल को तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस रहा था। इंदौर में पिछले साल गिरा था 22.3 मिमी पानी इंदौर में भी पारा 44 डिग्री के पार पहुंच चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, 25 अप्रैल 1958 को सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इस महीने यहां भी मौसम में बदलाव देखने को मिलता है। इसके चलते बादल छाए रहते हैं तो बौछारें भी गिरती हैं। इंदौर में पिछले साल 22.3 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 6 साल बारिश हो चुकी है। जबलपुर में तेज गर्मी का ट्रेंड जबलपुर की बात करें तो यहां एक बार पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल 1970 को दिन का तापमान 45.4 डिग्री रहा था। अप्रैल में यहां भी बारिश होने की संभावना रहती है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 अप्रैल 1935 को 24 घंटे के भीतर 50.3 मिमी बारिश हुई थी, जो दो इंच के करीब है। 2023 में 20.2 मिमी बारिश हुई थी। इस साल 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। ग्वालियर में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी ग्वालियर में अप्रैल की गर्मी का ट्रेंड बाकी शहरों से अलग रहता है। यहां ज्यादा गर्मी पड़ती है। बीते 10 साल में यहां पारा एक बार 45 डिग्री और 3 बार 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। 28 अप्रैल 1958 को तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। एक दिन में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड वर्ष 1909 में बना था। 22 अप्रैल को कुल 67.6 मिमी बारिश हुई थी। इसी साल अप्रैल महीने में साढ़े 4 इंच पानी गिरा था। 2023 में भी बारिश हुई थी। उज्जैन में भी गर्मी, बारिश का ट्रेंड उज्जैन में भी अप्रैल महीने में गर्मी और बारिश का ट्रेंड रहता है। 18 अप्रैल 2010 को तापमान रिकॉर्ड 45.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, 2014 से 2023 के बीच दो बार पारा 43 डिग्री के पार जा चुका है। पिछले साल एक बार तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। वहीं, पूरे महीने 1 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई थी।


