कानपुर। कल्याणपुर थाना क्षेत्र में दोगुनी रकम का लालच देकर एक महिला से 9.13 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। हालांकि पुलिस की सक्रियता और साइबर टीम की तत्परता से पीड़िता को 7.05 लाख रुपये वापस दिला दिए गए हैं, जिससे उसे आंशिक राहत मिली है।
इंटरनेशनल कॉल से शुरू हुआ खेल
देवी सहाय नगर, कल्याणपुर निवासी नीलम कुमारी ने 26 मार्च को कल्याणपुर थाने में तहरीर देकर बताया कि पांच फरवरी को उनके मोबाइल पर एक इंटरनेशनल कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को निवेश सलाहकार बताते हुए कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ लिया, जहां अन्य लोगों के मुनाफे के फर्जी स्क्रीनशॉट और संदेश दिखाकर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया गया।
आठ बार में ट्रांसफर कराए 9.13 लाख
झांसे में आकर नीलम कुमारी ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल आठ बार में 9.13 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय तक आरोपी उनसे संपर्क में रहे और मुनाफे का भरोसा दिलाते रहे, लेकिन बाद में अचानक उनका संपर्क टूट गया। जब पीड़िता को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने संबंधित नंबर पर कॉल की, लेकिन फोन बंद मिला।
साइबर टीम की मदद से रकम होल्ड
घटना के बाद पीड़िता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए कल्याणपुर पुलिस ने साइबर टीम की मदद से ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई और संबंधित खातों में पहुंची रकम को तत्काल होल्ड करा दिया। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस 7.05 लाख रुपये सुरक्षित कराने में सफल रही।
पीड़िता को वापस मिली धनराशि
बुधवार रात पुलिस ने होल्ड कराई गई 7.05 लाख रुपये की धनराशि पीड़िता नीलम कुमारी को वापस करा दी। रकम वापस मिलने पर पीड़िता के चेहरे पर संतोष और राहत के भाव दिखाई दिए। उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई न होती तो पूरी रकम डूब सकती थी।
पुलिस की अपील, सतर्क रहें लोग
कल्याणपुर प्रभारी, प्रशिक्षु आईपीएस डॉ. सुमेध मिलिंद जाधव ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई बेहद जरूरी होती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या निवेश के लालच में आकर पैसे ट्रांसफर न करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।


