बेगूसराय से समस्तीपुर के विद्यापति नगर थाना क्षेत्र गए एक महंत के साथ गलत व्यवहार किया गया है। यहां रसलपुर के महंत भगवान दास के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया गया, बल्कि उनके चेहरे पर जला हुआ मोबिल (इंजन ऑयल) डालकर उन्हें सरेराह पैदल घुमाया गया। इस बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेगूसराय के रसीदपुर में भारी तनाव फैल गया, जिसके विरोध में स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे-28 को जाम कर दिया। रसलपुर से महंत भगवान दास बुधवार को समस्तीपुर के विद्यापति नगर प्रखंड स्थित कबीर मठ शेरपुर गए थे। यहां हेड पद को लेकर हुए विवाद के बाद कालीख पोत कर सड़क पर घुमाया गया है। दूसरे पक्ष के समर्थकों ने किया विरोध महंत का दावा है कि कबीर मठ की व्यवस्था एक श्रृंखला के तहत चलती है, जिसका मुख्य केंद्र वाराणसी है। मुख्य शाखा के तहत रसीदपुर में दूसरी और शेरपुर में तीसरी शाखा आती है। इसी अधिकार क्षेत्र और स्वामित्व के दावे को लेकर वे शेरपुर पहुंचे थे। वहां मौजूद कुछ स्थानीय दबंगों और दूसरे पक्ष के समर्थकों ने महंत का विरोध करना शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि भीड़ ने कानून हाथ में ले लिया। बल्कि आरोप है कि महंत भगवान दास के साथ पहले मारपीट की गई, फिर उनके चेहरे पर काला और जला हुआ मोबिल थोप दिया गया। इतने से भी मन नहीं भरा, तो उन्हें इसी अपमानजनक स्थिति में गांव की सड़कों पर पैदल घुमाया गया। महंत के साथ हुई इस क्रूरता का वीडियो और खबर रसीदपुर पहुंचा, ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। इसके बाद रसीदपुर चौक के पास सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने NH-28 को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे थे। आक्रोशित लोगों को शांत करा कर यातायात कराया बहाल सड़क जाम होने से हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलते ही बछवाड़ा थानाध्यक्ष परेंद्र कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की मशक्कत और काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत कराया और यातायात बहाल कराया। इस घटना के पीछे कबीर मठ के स्वामित्व की जंग बताई जा रही है। स्थानीय पैक्स अध्यक्ष अखिलेश कुमार सुमित ने बताया कि यह पूरी तरह से क्रूरता का मामला है। एक संत के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी समाज में स्वीकार्य नहीं है। दूसरी ओर शेरपुर गांव के लोगों का कहना है कि वहां के कबीर मठ के असली महंत आत्मा दास महाराज हैं। भगवान दास के वहां पहुंचने और अपना दावा पेश करने के बाद विवाद भड़क उठा। बछवाड़ा थानाध्यक्ष परेंद्र कुमार ने बताया कि महंत भगवान दास के साथ दुर्व्यवहार का मामला संज्ञान में आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। घटना विद्यापति नगर थाना क्षेत्र की है, वहां की पुलिस से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। बेगूसराय से समस्तीपुर के विद्यापति नगर थाना क्षेत्र गए एक महंत के साथ गलत व्यवहार किया गया है। यहां रसलपुर के महंत भगवान दास के साथ न केवल दुर्व्यवहार किया गया, बल्कि उनके चेहरे पर जला हुआ मोबिल (इंजन ऑयल) डालकर उन्हें सरेराह पैदल घुमाया गया। इस बर्बरता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बेगूसराय के रसीदपुर में भारी तनाव फैल गया, जिसके विरोध में स्थानीय लोगों ने नेशनल हाईवे-28 को जाम कर दिया। रसलपुर से महंत भगवान दास बुधवार को समस्तीपुर के विद्यापति नगर प्रखंड स्थित कबीर मठ शेरपुर गए थे। यहां हेड पद को लेकर हुए विवाद के बाद कालीख पोत कर सड़क पर घुमाया गया है। दूसरे पक्ष के समर्थकों ने किया विरोध महंत का दावा है कि कबीर मठ की व्यवस्था एक श्रृंखला के तहत चलती है, जिसका मुख्य केंद्र वाराणसी है। मुख्य शाखा के तहत रसीदपुर में दूसरी और शेरपुर में तीसरी शाखा आती है। इसी अधिकार क्षेत्र और स्वामित्व के दावे को लेकर वे शेरपुर पहुंचे थे। वहां मौजूद कुछ स्थानीय दबंगों और दूसरे पक्ष के समर्थकों ने महंत का विरोध करना शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि भीड़ ने कानून हाथ में ले लिया। बल्कि आरोप है कि महंत भगवान दास के साथ पहले मारपीट की गई, फिर उनके चेहरे पर काला और जला हुआ मोबिल थोप दिया गया। इतने से भी मन नहीं भरा, तो उन्हें इसी अपमानजनक स्थिति में गांव की सड़कों पर पैदल घुमाया गया। महंत के साथ हुई इस क्रूरता का वीडियो और खबर रसीदपुर पहुंचा, ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। इसके बाद रसीदपुर चौक के पास सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने NH-28 को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे थे। आक्रोशित लोगों को शांत करा कर यातायात कराया बहाल सड़क जाम होने से हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। घटना की सूचना मिलते ही बछवाड़ा थानाध्यक्ष परेंद्र कुमार दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब आधे घंटे की मशक्कत और काफी समझाने-बुझाने के बाद पुलिस ने आक्रोशित लोगों को शांत कराया और यातायात बहाल कराया। इस घटना के पीछे कबीर मठ के स्वामित्व की जंग बताई जा रही है। स्थानीय पैक्स अध्यक्ष अखिलेश कुमार सुमित ने बताया कि यह पूरी तरह से क्रूरता का मामला है। एक संत के साथ ऐसा व्यवहार किसी भी समाज में स्वीकार्य नहीं है। दूसरी ओर शेरपुर गांव के लोगों का कहना है कि वहां के कबीर मठ के असली महंत आत्मा दास महाराज हैं। भगवान दास के वहां पहुंचने और अपना दावा पेश करने के बाद विवाद भड़क उठा। बछवाड़ा थानाध्यक्ष परेंद्र कुमार ने बताया कि महंत भगवान दास के साथ दुर्व्यवहार का मामला संज्ञान में आया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को साक्ष्य के तौर पर देखा जा रहा है। घटना विद्यापति नगर थाना क्षेत्र की है, वहां की पुलिस से समन्वय स्थापित किया जा रहा है।


