किशनगंज के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में पति की हत्या के मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए एक विधवा महिला पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के कार्यालय पहुंची। सीमा खातून ने आरोप लगाया है कि घटना के 40 दिन बाद भी ठाकुरगंज पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। एसपी को दिए आवेदन में सीमा खातून ने बताया कि उनके पति मो. इम्तियाज की हत्या 16 फरवरी 2026 को हुई थी। उनका आरोप है कि हत्या का मुख्य कारण पैसों का लेनदेन है। इम्तियाज ने मुख्य आरोपी मो. राजा को बजाज फाइनेंस से लोन लेकर और अपनी फूफी से कुल 4,73,238 रुपये दिए थे। जब इम्तियाज ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश रची। शुरुआत में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया था मृतक इम्तियाज ठाकुरगंज के अंचल अधिकारी के वाहन चालक थे। सीमा खातून ने आरोप लगाया कि ठाकुरगंज थानाध्यक्ष ने शुरुआत में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन पुलिस निष्क्रिय बनी रही। सीमा खातून के अनुसार, पुलिस ने लंबे समय तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही। रिपोर्ट आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की इस ढिलाई का लाभ उठाकर मुख्य आरोपी मो. राजा ने सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उसका बहनोई और सह-आरोपी मो. नूर अली अभी भी फरार है। पश्चिम बंगाल के खोरीबाड़ी थाने में डकैती का मामला भी दर्ज सीमा खातून ने यह भी बताया कि आरोपी मो. राजा आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उस पर पश्चिम बंगाल के खोरीबाड़ी थाने में डकैती का मामला भी दर्ज है। उन्होंने कहा कि वह गरीब हैं और उनके पांच छोटे बच्चे हैं, जिनके भरण-पोषण का अब कोई सहारा नहीं है। सीमा खातून ने एसपी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच उनके मार्गदर्शन में कराने की मांग की है। उन्होंने फरार आरोपी मो. नूर अली की तत्काल गिरफ्तारी और जेल में बंद आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की अपील भी की है। किशनगंज के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र में पति की हत्या के मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए एक विधवा महिला पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के कार्यालय पहुंची। सीमा खातून ने आरोप लगाया है कि घटना के 40 दिन बाद भी ठाकुरगंज पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। एसपी को दिए आवेदन में सीमा खातून ने बताया कि उनके पति मो. इम्तियाज की हत्या 16 फरवरी 2026 को हुई थी। उनका आरोप है कि हत्या का मुख्य कारण पैसों का लेनदेन है। इम्तियाज ने मुख्य आरोपी मो. राजा को बजाज फाइनेंस से लोन लेकर और अपनी फूफी से कुल 4,73,238 रुपये दिए थे। जब इम्तियाज ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने कथित तौर पर उनकी हत्या की साजिश रची। शुरुआत में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया था मृतक इम्तियाज ठाकुरगंज के अंचल अधिकारी के वाहन चालक थे। सीमा खातून ने आरोप लगाया कि ठाकुरगंज थानाध्यक्ष ने शुरुआत में जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन पुलिस निष्क्रिय बनी रही। सीमा खातून के अनुसार, पुलिस ने लंबे समय तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कही। रिपोर्ट आने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस की इस ढिलाई का लाभ उठाकर मुख्य आरोपी मो. राजा ने सिविल कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। उसका बहनोई और सह-आरोपी मो. नूर अली अभी भी फरार है। पश्चिम बंगाल के खोरीबाड़ी थाने में डकैती का मामला भी दर्ज सीमा खातून ने यह भी बताया कि आरोपी मो. राजा आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उस पर पश्चिम बंगाल के खोरीबाड़ी थाने में डकैती का मामला भी दर्ज है। उन्होंने कहा कि वह गरीब हैं और उनके पांच छोटे बच्चे हैं, जिनके भरण-पोषण का अब कोई सहारा नहीं है। सीमा खातून ने एसपी से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच उनके मार्गदर्शन में कराने की मांग की है। उन्होंने फरार आरोपी मो. नूर अली की तत्काल गिरफ्तारी और जेल में बंद आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की अपील भी की है।


