रामनवमी के अवसर पर कौवाकोल प्रखंड में बुधवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। प्रशासन की सख्ती और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह शोभायात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। खास बात यह रही कि कुछ दिन पहले ही प्रखंड के रोह क्षेत्र में हिंसक झड़प हुई थी, जिसके कारण प्रशासन अतिरिक्त सतर्क था। सुबह से ही उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ रामनवमी के मौके पर सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम की पूजा कर क्षेत्र में सुख-शांति की कामना की। इसके बाद दोपहर होते-होते शोभायात्रा के लिए लोग जुटने लगे। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। लोग जय श्रीराम के नारे लगाते हुए पूरे नगर का भ्रमण कर रहे थे। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। भव्य झांकियों ने आकर्षित किया ध्यान शोभायात्रा में विभिन्न प्रकार की झांकियां निकाली गईं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की जीवंत झांकियों ने माहौल को पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग दिया। इसके अलावा रामायण के विभिन्न प्रसंगों को भी झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों द्वारा किए गए अभिनय को देखने के लिए रास्ते भर लोग खड़े रहे। डीजे और ढोल-नगाड़ों पर झूमते रहे युवा शोभायात्रा के दौरान डीजे और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर युवा जमकर झूमते नजर आए। पूरे रास्ते में भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही। हालांकि प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसका आयोजकों ने पालन करने की कोशिश की। इसके बावजूद माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा। रोह में हुई हिंसा के बाद प्रशासन अलर्ट गौरतलब है कि कौवाकोल प्रखंड से करीब 11 किलोमीटर दूर रोह क्षेत्र में कुछ दिन पहले हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना को देखते हुए प्रशासन ने इस बार विशेष सतर्कता बरती। शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जगह-जगह मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। शोभायात्रा के रूट पर बैरिकेडिंग की गई थी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी गई। पुलिस लगातार गश्त करती रही और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों ने निभाई जिम्मेदारी शोभायात्रा को शांतिपूर्ण बनाने में स्थानीय लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों और समाज के बुद्धिजीवियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी, जिसका असर साफ दिखाई दिया। लोगों ने प्रशासन का सहयोग किया और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने का संदेश दिया। यही वजह रही कि पूरा कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। प्रशासन ने जताया संतोष कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद प्रशासन ने संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों ने कहा कि सभी की सहभागिता से यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह के आयोजनों में शांति और भाईचारा बनाए रखना जरूरी है। किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे से बचने की अपील भी की गई। भाईचारे का संदेश रामनवमी की इस शोभायात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपसी सहयोग और समझदारी से बड़े से बड़ा आयोजन भी शांतिपूर्ण तरीके से किया जा सकता है। जहां एक ओर धार्मिक आस्था का प्रदर्शन हुआ, वहीं दूसरी ओर समाज में भाईचारे और एकता का भी संदेश गया। कौवाकोल प्रखंड में इस आयोजन को लेकर लोगों में काफी संतोष और खुशी देखी गई। रामनवमी के अवसर पर कौवाकोल प्रखंड में बुधवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। प्रशासन की सख्ती और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह शोभायात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। खास बात यह रही कि कुछ दिन पहले ही प्रखंड के रोह क्षेत्र में हिंसक झड़प हुई थी, जिसके कारण प्रशासन अतिरिक्त सतर्क था। सुबह से ही उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ रामनवमी के मौके पर सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम की पूजा कर क्षेत्र में सुख-शांति की कामना की। इसके बाद दोपहर होते-होते शोभायात्रा के लिए लोग जुटने लगे। शोभायात्रा में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए। लोग जय श्रीराम के नारे लगाते हुए पूरे नगर का भ्रमण कर रहे थे। बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। भव्य झांकियों ने आकर्षित किया ध्यान शोभायात्रा में विभिन्न प्रकार की झांकियां निकाली गईं, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की जीवंत झांकियों ने माहौल को पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग दिया। इसके अलावा रामायण के विभिन्न प्रसंगों को भी झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। कलाकारों द्वारा किए गए अभिनय को देखने के लिए रास्ते भर लोग खड़े रहे। डीजे और ढोल-नगाड़ों पर झूमते रहे युवा शोभायात्रा के दौरान डीजे और पारंपरिक ढोल-नगाड़ों की धुन पर युवा जमकर झूमते नजर आए। पूरे रास्ते में भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही। हालांकि प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसका आयोजकों ने पालन करने की कोशिश की। इसके बावजूद माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा। रोह में हुई हिंसा के बाद प्रशासन अलर्ट गौरतलब है कि कौवाकोल प्रखंड से करीब 11 किलोमीटर दूर रोह क्षेत्र में कुछ दिन पहले हिंसक झड़प हुई थी। इस घटना को देखते हुए प्रशासन ने इस बार विशेष सतर्कता बरती। शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। जगह-जगह मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही थी ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। शोभायात्रा के रूट पर बैरिकेडिंग की गई थी और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से भी निगरानी रखी गई। पुलिस लगातार गश्त करती रही और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। स्थानीय लोगों ने निभाई जिम्मेदारी शोभायात्रा को शांतिपूर्ण बनाने में स्थानीय लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजकों और समाज के बुद्धिजीवियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी, जिसका असर साफ दिखाई दिया। लोगों ने प्रशासन का सहयोग किया और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने का संदेश दिया। यही वजह रही कि पूरा कार्यक्रम बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। प्रशासन ने जताया संतोष कार्यक्रम के सफल आयोजन के बाद प्रशासन ने संतोष व्यक्त किया। अधिकारियों ने कहा कि सभी की सहभागिता से यह संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह के आयोजनों में शांति और भाईचारा बनाए रखना जरूरी है। किसी भी प्रकार की अफवाह या उकसावे से बचने की अपील भी की गई। भाईचारे का संदेश रामनवमी की इस शोभायात्रा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आपसी सहयोग और समझदारी से बड़े से बड़ा आयोजन भी शांतिपूर्ण तरीके से किया जा सकता है। जहां एक ओर धार्मिक आस्था का प्रदर्शन हुआ, वहीं दूसरी ओर समाज में भाईचारे और एकता का भी संदेश गया। कौवाकोल प्रखंड में इस आयोजन को लेकर लोगों में काफी संतोष और खुशी देखी गई।


