मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव का सीधा असर अब किशनगंज और आसपास के जिलों में पेट्रोल पंपों पर दिखाई दे रहा है। ठाकुरगंज थाना के पास स्थित एचपी पेट्रोल पंप कई दिनों से बंद है, जिससे स्थानीय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठाकुरगंज-किशनगंज मार्ग पर इस पंप पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति ठप है। किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड के बाल्डी होता और रतवा सहित कई अन्य पंपों पर भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने की आशंका से पेट्रोलियम कंपनियां सतर्क हो गई हैं। बंद पड़े पेट्रोल पंप और ब्लैक में ब्रिकी की तस्वीरें.. लोग घबराहट में अधिक ईंधन खरीद रहे
इसके परिणामस्वरूप, कुछ पंपों पर ईंधन की आपूर्ति सीमित कर दी गई है या पूरी तरह रोक दी गई है। इस स्थिति से पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें भी तेजी से फैल रही हैं, जिससे कुछ स्थानों पर लोग घबराहट में अधिक ईंधन खरीद रहे हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ युवक पेट्रोल पंप से महज 100 मीटर की दूरी पर छोटे स्टॉल लगाकर ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। जहां पंप पर पेट्रोल की आधिकारिक कीमत लगभग 107 रुपये प्रति लीटर है, वहीं ये युवक 30 किलोमीटर दूर से पेट्रोल लाकर 120 रुपये प्रति लीटर में बेच रहे हैं। स्थानीय लोग मजबूरी में इन्हीं से ईंधन खरीदने को विवश हैं। वाहन चालक छोटी दूरी की यात्रा के लिए भी परेशान
स्थानीय निवासी चंदन कुमार ने बताया कि “पेट्रोल पंप पर 107 रुपये में पेट्रोल मिलना चाहिए था, लेकिन पंप बंद है। युवक दूर से लाकर 120 रुपये ले रहे हैं, मजबूरी में हमें उन्हीं से लेना पड़ रहा है।” एक अन्य स्थानीय निवासी मोहम्मद सलमान ने कहा, “हम पेट्रोल पंप गए तो वहां कोई नहीं था, पंप बंद कर दिया गया है। यहां से तीन मिनट की दूरी पर दूसरा पंप है, वह भी बंद पड़ा है। मजबूरी में 120 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल यहां से लेकर जाना पड़ रहा है।” ठाकुरगंज क्षेत्र में यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है, जिससे वाहन चालक छोटी दूरी की यात्रा के लिए भी परेशान हैं। कुछ लोगों को 30-40 किलोमीटर दूर से ईंधन लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मध्य पूर्व में ईरान-इजरायल के बीच जारी तनाव का सीधा असर अब किशनगंज और आसपास के जिलों में पेट्रोल पंपों पर दिखाई दे रहा है। ठाकुरगंज थाना के पास स्थित एचपी पेट्रोल पंप कई दिनों से बंद है, जिससे स्थानीय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठाकुरगंज-किशनगंज मार्ग पर इस पंप पर पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति ठप है। किशनगंज जिले के पोठिया प्रखंड के बाल्डी होता और रतवा सहित कई अन्य पंपों पर भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने की आशंका से पेट्रोलियम कंपनियां सतर्क हो गई हैं। बंद पड़े पेट्रोल पंप और ब्लैक में ब्रिकी की तस्वीरें.. लोग घबराहट में अधिक ईंधन खरीद रहे
इसके परिणामस्वरूप, कुछ पंपों पर ईंधन की आपूर्ति सीमित कर दी गई है या पूरी तरह रोक दी गई है। इस स्थिति से पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहें भी तेजी से फैल रही हैं, जिससे कुछ स्थानों पर लोग घबराहट में अधिक ईंधन खरीद रहे हैं। इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ युवक पेट्रोल पंप से महज 100 मीटर की दूरी पर छोटे स्टॉल लगाकर ब्लैक मार्केटिंग कर रहे हैं। जहां पंप पर पेट्रोल की आधिकारिक कीमत लगभग 107 रुपये प्रति लीटर है, वहीं ये युवक 30 किलोमीटर दूर से पेट्रोल लाकर 120 रुपये प्रति लीटर में बेच रहे हैं। स्थानीय लोग मजबूरी में इन्हीं से ईंधन खरीदने को विवश हैं। वाहन चालक छोटी दूरी की यात्रा के लिए भी परेशान
स्थानीय निवासी चंदन कुमार ने बताया कि “पेट्रोल पंप पर 107 रुपये में पेट्रोल मिलना चाहिए था, लेकिन पंप बंद है। युवक दूर से लाकर 120 रुपये ले रहे हैं, मजबूरी में हमें उन्हीं से लेना पड़ रहा है।” एक अन्य स्थानीय निवासी मोहम्मद सलमान ने कहा, “हम पेट्रोल पंप गए तो वहां कोई नहीं था, पंप बंद कर दिया गया है। यहां से तीन मिनट की दूरी पर दूसरा पंप है, वह भी बंद पड़ा है। मजबूरी में 120 रुपये प्रति लीटर पेट्रोल यहां से लेकर जाना पड़ रहा है।” ठाकुरगंज क्षेत्र में यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई है, जिससे वाहन चालक छोटी दूरी की यात्रा के लिए भी परेशान हैं। कुछ लोगों को 30-40 किलोमीटर दूर से ईंधन लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।


