जमशेदपुर गोलीकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार:भाई के साथ मारपीट का बदला लेने के लिए की थी फायरिंग; दो जिंदा गोली बरामद

जमशेदपुर गोलीकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार:भाई के साथ मारपीट का बदला लेने के लिए की थी फायरिंग; दो जिंदा गोली बरामद

पुलिस ने जमशेदपुर के ओलीडीह ओपी क्षेत्र में हुए गोलीकांड का खुलासा कर दिया है। डिमना बस्ती रोड पर उमा टिफिन के पास ऑल्टो कार सवार विक्रम सिंह उर्फ विक्की पर हुए हमले के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना में कृष्णा सिंह उर्फ लल्ला, राखाल कुम्भकार और विकास महतो सहित अन्य अपराधियों ने विक्की को गोली मारकर घायल कर दिया था। पीड़ित के लिखित आवेदन पर ओलीडीह ओपी में कांड संख्या 75/26 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। इसका नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने किया और मार्गदर्शन पुलिस उपाधीक्षक पटमदा ने किया। ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 को SIT ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वसुंधरा स्टेट के पास स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट भवन के एक जर्जर क्वार्टर में छापेमारी की। इस दौरान घटना में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से दो अवैध हथियार, जिंदा गोलियां और घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद कीं। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी विकास महतो ने खुलासा किया कि लगभग तीन साल पहले विक्रम सिंह ने उसके भाई के साथ मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची और गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने जमशेदपुर के ओलीडीह ओपी क्षेत्र में हुए गोलीकांड का खुलासा कर दिया है। डिमना बस्ती रोड पर उमा टिफिन के पास ऑल्टो कार सवार विक्रम सिंह उर्फ विक्की पर हुए हमले के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना में कृष्णा सिंह उर्फ लल्ला, राखाल कुम्भकार और विकास महतो सहित अन्य अपराधियों ने विक्की को गोली मारकर घायल कर दिया था। पीड़ित के लिखित आवेदन पर ओलीडीह ओपी में कांड संख्या 75/26 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। इसका नेतृत्व पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) ने किया और मार्गदर्शन पुलिस उपाधीक्षक पटमदा ने किया। ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 को SIT ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वसुंधरा स्टेट के पास स्वर्णरेखा प्रोजेक्ट भवन के एक जर्जर क्वार्टर में छापेमारी की। इस दौरान घटना में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से दो अवैध हथियार, जिंदा गोलियां और घटना में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद कीं। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी विकास महतो ने खुलासा किया कि लगभग तीन साल पहले विक्रम सिंह ने उसके भाई के साथ मारपीट की थी और जान से मारने की धमकी दी थी। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए विकास ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस हमले की साजिश रची और गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया।  

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