IAS रिंकू सिंह के पिता बोले- मेरे बेटे को 7 गोलियां मारी गईं, वो बहुत ईमानदार लेकिन नहीं दी पोस्टिंग

IAS रिंकू सिंह के पिता बोले- मेरे बेटे को 7 गोलियां मारी गईं, वो बहुत ईमानदार लेकिन नहीं दी पोस्टिंग

IAS Rinku Singh Rahi News : IAS रिंकू सिंह राही के इस्तीफे की चर्चा पूरे प्रदेश में जोरों पर है। लेकिन, असल बात कुछ और ही है। IAS रिंकू सिंह राही का कहना है कि मैंने कभी इस्तीफा दिया ही नहीं। मैंने तो सिर्फ सरकार और विभाग से काम मांगा है। मैंने पत्र लिखकर कहा है कि अगर इस सेवा में मेरे लायक काम नहीं है तो मुझे मेरी पिछली सेवाओं में भेज दिया जाए। जहां मैं पहले काम कर रहा था।

आपको बता दें कि 2021 से पहले रिंकू सिंह राही PCS सर्विसेज में थे। रिंकू सिंह राही 2021 में UPSC की परीक्षा पास कर IAS बने थे। इस दौरान वह शाहजहांपुर में SDM थे। इसी पोस्टिंग के बाद से रिंकू सिंह को नई पोस्टिंग नहीं मिली।

रिंकू सिंह के पिता बोले- मेरा बेटा ईमानदार

रिंकू सिंह राही के पिता का कहना है कि उनका बेटा ईमानदार और मेहनती है। लेकिन, उसे काम नहीं दिया जा रहा है। रिंकू सिंह के पिता ने आगे कहा कि आप हमारा मकान देख लीजिए कैसा है। यह आटा चक्की की मेहनत से बना है और हम लोगों के पास कोई बैंक बैलेंस नहीं है।

2008 में रिंकू सिंह राही पर हुआ था हमला

रिंकू सिंह की PCS बनने के बाद पहली पोस्टिंग मुजफ्फरनगर में समाज कल्याण अधिकारी के रूप में हुई थी। समाज कल्याण अधिकारी रहते हुए रिंकू सिंह ने छात्रवृत्ति और पेंशन घोटाले का पर्दाफाश किया था। रिंकू सिंह ने बताया कि लगभग 100 करोड़ का गबन था। इसमें राजनीतिक पार्टियों के लोगों के अलावा पूरा गैंग शामिल था।

26 मार्च 2009 का वह दिन था, जब रिंकू सिंह अपने एक सहकर्मी के साथ बैडमिंटन खेल रहे थे। तभी उन पर दो हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाई। इस दौरान हमलावरों ने रिंकू सिंह पर 7 गोलियां चलाईं। दो गोलियां रिंकू सिंह के चेहरे पर भी लगी थी। उनका जबड़ा तक बाहर आ गया था। रिंकू सिंह करीब एक महीने तक अस्पताल में भर्ती रहे। उनकी एक आंख की रोशनी तक चली गई और एक कान खराब हो गया। एक गोली अभी भी रिंकू सिंह के सिर में फंसी हुई है।

तहसील में कान-पकड़कर उठक-बैठक लगाने से चर्चा में आए

रिंकू सिंह 8 महीने पहले मथुरा में जॉइंट मजिस्ट्रेट थे। यहां से उनका तबादला हुआ और उन्होंने 24 जुलाई 2025 को शाहजहांपुर जिले की तहसील पुवायां में SDM बने। रिंकू सिंह उसी दिन तहसील परिसर में निकले तो देखा 4 लोग तहसील की दीवार के पास टॉयलेट कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उनसे पूछा कि यहां पर टॉयलेट क्यों कर रहे हो। इस पर जवाब आया कि तहसील के शौचालय गंदे हैं। तो हम कहां जाएं। इस बात पर रिंकू सिंह ने कहा कि यह गलती तहसील कर्मचारियों की है लेकिन, आपको ऐसे खुले में टॉयलेट नहीं करना चाहिए। रिंकू सिंह ने इसी दौरान उन चारों लोगों से उठक-बैठक लगवा दी। इनमें एक वकील का मुंशी भी शामिल था।

तहसील परिसर में हुआ विरोध, धरने पर बैठे वकील

इस बात का वकीलों ने विरोध किया और SDM के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद सभी वकील धरने पर बैठ गए। वकील मुंशी को उठक-बैठक लगवाने वाली बात से काफी नाराज थे। वकीलों के धरने पर बैठने की बात जब एसडीएम तक पहुंची तो वह खुद धरने पर पहुंच गए। वकीलों ने SDM से कहा कि मुंशी से उठक-बैठक लगवाना सही नहीं था। इस पर SDM बोले- मुंशी ने गलती की थी। वकीलों ने कहा गलती की थी लेकिन…उठक-बैठक लगवाना ठीक नहीं था, क्या आप उठक-बैठक लगा सकते हैं? इस पर SDM ने कहा कि इसमें कैसी शर्म। इसके बाद SDM ने 5 उठक-बैठक लगाई। इसी प्रकरण के बाद से रिंकू सिंह राही को पुवायां SDM के पद से हटा दिया गया था।

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