हनुमानगढ़ में रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं खरीद शुरू होने से पहले मंडी यार्ड में व्यवस्थाओं को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में व्यापारियों ने स्लॉट बुकिंग व्यवस्था समाप्त करने और पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांग की। व्यापारियों ने बताया कि वर्तमान प्रणाली में किसानों को गेहूं बेचने के लिए पहले पंजीकरण कराना होता है, जिसके बाद स्लॉट बुकिंग के अनुसार तय तारीख पर ही उपज मंडी लानी पड़ती है। मौसम की अनिश्चितता, कंबाइन मशीन की अनुपलब्धता और अन्य कारणों से किसान अक्सर निर्धारित समय पर फसल नहीं ला पाते। इससे उन्हें उपज घर पर रखने में दिक्कत होती है और नुकसान का जोखिम बढ़ जाता है। उन्होंने मांग की कि पिछले साल की तरह बिना स्लॉट सिस्टम के ही खरीद प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि किसानों को सुविधा मिले और वे समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ उठा सकें। व्यापारियों ने याद दिलाया कि पहले खरीद प्रक्रिया जनाधार, बैंक खाते और गिरदावरी के आधार पर होती थी, जिसमें स्लॉट बुकिंग का प्रावधान नहीं था। बैठक में बारदाना (जूट के बोरे) की कमी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। व्यापारियों के अनुसार, पिछले साल टाउन मंडी में लगभग 30 लाख कट्टों में गेहूं की खरीद हुई थी। इस बार बंपर पैदावार के कारण यह आंकड़ा 40 लाख कट्टों से अधिक पहुंचने की संभावना है, लेकिन अभी तक केवल 25 प्रतिशत बारदाना ही उपलब्ध है। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते बारदाना और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी नहीं की गईं, तो खरीद प्रक्रिया बुरी तरह प्रभावित होगी। इससे किसानों और मजदूरों में असंतोष बढ़ सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने और इन मुद्दों का जल्द समाधान करने का आश्वासन दिया।


