जबलपुर में आज से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू:संपत्तियों की सरकारी दरों में 99% तक की बढ़ोतरी, जमीन-मकान खरीदना हुआ महंगा

जबलपुर में आज से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू:संपत्तियों की सरकारी दरों में 99% तक की बढ़ोतरी, जमीन-मकान खरीदना हुआ महंगा

जबलपुर में अब जमीन और मकान खरीदना पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। जिले में आज से नई कलेक्टर गाइडलाइन लागू कर दी गई है, जिसके तहत संपत्तियों की सरकारी दरों में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका सीधा असर रजिस्ट्री शुल्क पर पड़ेगा, जिससे आम खरीदारों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा। नई गाइडलाइन के अनुसार कई इलाकों में जमीन की दरों में 99 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। खासतौर पर मुख्य मार्गों, विकसित कॉलोनियों और व्यावसायिक क्षेत्रों में कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिला है, जबकि अंदरूनी और अव्यवस्थित क्षेत्रों में सीमित संशोधन किया गया है। प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में बड़ा उछाल शहर के व्यावसायिक क्षेत्रों में सबसे अधिक असर देखा गया है। ज्योति सिनेमा कॉम्प्लेक्स क्षेत्र: 1.20 लाख से बढ़कर 1.60 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर, रसल चौक और तैयब अली चौक में मुख्य सड़क किनारे दरों में वृद्धि हुई है। मदन महल स्टेशन से रानीताल चौक मार्ग पर 80 हजार से 1.20 लाख रुपए प्रति वर्गमीटर तक वृद्धि हुई है। कॉलोनियों में भी बढ़ीं कीमतें आवासीय क्षेत्रों में भी नई दरों का असर साफ दिख रहा है। सुहागी में 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर, बिलपुरा में 15 हजार से 24 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर, बिनैकी, साईं कॉलोनी, विदित सिग्नेचर में 16,800 से 32,600 रुपए प्रति वर्गमीटर तक रेट हो गए हैं। नई गाइडलाइन में मुख्य सड़कों और अंदरूनी गलियों की दरों में भी स्पष्ट अंतर रखा गया है। हाईकोर्ट रोड, गोहलपुर थाना मार्ग पर 55 हजार से 80 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर, अंदरूनी क्षेत्र में 20 हजार से 30 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर रेट हो गए हैं। उपनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भी असर शहर से बाहर के इलाकों में भी नई दरें लागू की गई हैं। सिहोरा में मुख्य मार्गों पर 14,400 रुपए प्रति वर्गमीटर तक, शाहपुरा (बडकुल रेसिडेंसी, बालाजी कॉलोनी) में 7,500 से 10,200 रुपए प्रति वर्गमीटर, ग्रामीण क्षेत्र (पाटन, मझौली) में 800 से 2,500 रुपए प्रति वर्गमीटर रेट कर दिए गए हैं। आम आदमी पर असर नई गाइडलाइन लागू होने से स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क बढ़ जाएंगे, क्योंकि ये सरकारी दरों पर आधारित होते हैं। इससे जमीन और मकान खरीदना आम लोगों के लिए और महंगा हो जाएगा। जिला प्रशासन का कहना है कि यह संशोधन बाजार मूल्य के अनुसार किए गए हैं, जिससे राजस्व बढ़ेगा और संपत्ति मूल्यांकन में पारदर्शिता आएगी। हालांकि रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ी हुई दरों से मध्यम वर्ग के लिए घर खरीदना और मुश्किल हो सकता है।

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