मेरठ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय सतर्कता समिति की बैठक जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में वित्तीय वर्ष में विभाग द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। सहायक आयुक्त (खाद्य)-II ने समिति को बताया कि प्रवर्तन कार्यों के तहत कुल 1077 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए थे। प्राप्त जांच रिपोर्टों में से 479 नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए गए। इसके सापेक्ष 331 मामलों में न्यायालय में वाद दायर किए गए। लंबित 487 मामलों में प्रभावी पैरवी करते हुए 5.38 करोड़ रुपये की धनराशि से दंडित कराया गया। समिति को एफएसएसएआई द्वारा संचालित ‘ईट राइट इनिशिएटिव’ के तहत हाइजीन रेटिंग, ईट राइट कैंपस, भोग (पूजा स्थल) और फूड फोर्टिफिकेशन कार्यक्रमों से भी अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने तहसीलवार खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि जन स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सभी खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उन्होंने खाद्य कारोबारियों को लगातार जागरूक करने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने पनीर, मावा, मिठाइयों, खाद्य तेल और सॉस जैसे मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने तथा नियमों का पालन न करने वाले कारोबारियों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 नियमावली 2011 के प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई करने के आदेश दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (नगर) मेरठ, मुख्य चिकित्सा अधिकारी मेरठ, जिला पंचायत राज अधिकारी, उप दुग्ध विकास अधिकारी, आबकारी निरीक्षक, डीपीआरओ, महामंत्री ड्रग एंड केमिस्ट एसोसिएशन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


