शेखपुरा में रोटरी क्लब द्वारा मंगलवार को सदर अस्पताल में आग से बचाव को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अस्पताल के सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को आग से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्र का मुख्य आकर्षण पुणे से आए अग्नि विशेषज्ञ के.एन. प्रताप रहे। उन्होंने सभी चिकित्सकों और अन्य कर्मियों को आग से बचाव की मूलभूत जानकारी प्रदान की। प्रताप देश के विभिन्न हिस्सों में अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण देते रहे हैं और मूल रूप से शेखपुरा के ही निवासी हैं। आग से सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए प्रताप ने अपने सत्र में बताया कि अस्पताल आग के प्रति सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक हैं। यहां आग से सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आग बुझाने वाले उपकरणों के साथ-साथ उनके संचालन के लिए कर्मियों का प्रशिक्षित होना भी आवश्यक है। उन्होंने आग लगने के विभिन्न कारणों और उन पर काबू पाने के अलग-अलग उपायों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में देश के कई अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। अस्पताल में भर्ती मरीज आग लगने की स्थिति में मौके से भागने में अक्सर असमर्थ होते हैं, इसलिए यहां आग से बचाव के उपायों को विशेष रूप से सुदृढ़ रखना महत्वपूर्ण है। रोटरी क्लब के आग्रह पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन रोटरी क्लब के आग्रह पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार सिंह और सदर अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार ने इस प्रशिक्षण सत्र का आयोजन कराया। इस अवसर पर सदर अस्पताल के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों, सफाईकर्मियों के साथ-साथ रोटरी क्लब के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. एम.पी. सिंह, डॉ. के. पुरूषोत्तम, डॉ. रामाश्रय प्रसाद सिंह, जिला रोटरी क्लब के सदस्य और जिला अग्निशमन विभाग के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता पर रोटरी क्लब ने सदर अस्पताल के चिकित्सकों और पुणे से आए अग्नि विशेषज्ञ के.एन. प्रताप का धन्यवाद किया। शेखपुरा में रोटरी क्लब द्वारा मंगलवार को सदर अस्पताल में आग से बचाव को लेकर एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अस्पताल के सभी चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों को आग से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्र का मुख्य आकर्षण पुणे से आए अग्नि विशेषज्ञ के.एन. प्रताप रहे। उन्होंने सभी चिकित्सकों और अन्य कर्मियों को आग से बचाव की मूलभूत जानकारी प्रदान की। प्रताप देश के विभिन्न हिस्सों में अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण देते रहे हैं और मूल रूप से शेखपुरा के ही निवासी हैं। आग से सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए प्रताप ने अपने सत्र में बताया कि अस्पताल आग के प्रति सबसे संवेदनशील स्थानों में से एक हैं। यहां आग से सुरक्षा की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि आग बुझाने वाले उपकरणों के साथ-साथ उनके संचालन के लिए कर्मियों का प्रशिक्षित होना भी आवश्यक है। उन्होंने आग लगने के विभिन्न कारणों और उन पर काबू पाने के अलग-अलग उपायों की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में देश के कई अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं से बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। अस्पताल में भर्ती मरीज आग लगने की स्थिति में मौके से भागने में अक्सर असमर्थ होते हैं, इसलिए यहां आग से बचाव के उपायों को विशेष रूप से सुदृढ़ रखना महत्वपूर्ण है। रोटरी क्लब के आग्रह पर प्रशिक्षण सत्र का आयोजन रोटरी क्लब के आग्रह पर सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. अशोक कुमार सिंह और सदर अस्पताल प्रबंधक धीरज कुमार ने इस प्रशिक्षण सत्र का आयोजन कराया। इस अवसर पर सदर अस्पताल के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, सुरक्षाकर्मियों, सफाईकर्मियों के साथ-साथ रोटरी क्लब के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. एम.पी. सिंह, डॉ. के. पुरूषोत्तम, डॉ. रामाश्रय प्रसाद सिंह, जिला रोटरी क्लब के सदस्य और जिला अग्निशमन विभाग के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता पर रोटरी क्लब ने सदर अस्पताल के चिकित्सकों और पुणे से आए अग्नि विशेषज्ञ के.एन. प्रताप का धन्यवाद किया।


