प्रयागराज में स्मैक तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। शहर के धूमनगंज इलाके से चल रहे इस रैकेट के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से 727 ग्राम स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1.45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। दो धूमनगंज, एक नवाबगंज का रहने वाला
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दीपक कुमार गौतम व वीरेंद्र कुमार निवासी धूमनगंज और आशीष कुमार मौर्या निवासी अटरामपुर नवाबगंज शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उन्होंने बताया कि वह करेली की बिल्ली नाम की महिला से स्मैक खरीदते हैं और इसके बाद न सिर्फ प्रयागराज बल्कि आसपास के जनपदों में भी सप्लाई करते हैं। छह मुकदमे पहले से दर्ज
गिरफ्तार किए गए दीपक पर छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वह पहले भी नशीले पदार्थों की तस्करी में जेल जा चुका है। वह धूमनगंज के ताड़बाग का रहने वाला है। उसके कब्जे से स्मैक के कुल छह पैकेट बरामद किए गए। वजन करने पर इनमें 727 ग्राम स्मैक प्राप्त हुई। फिलहाल पुलिस यह नहीं बता पाई कि उसकी हिस्ट्रीशीट खुली या नहीं। ताड़बाग से होती है जिले भर में स्मैक तस्करी
धूमनगंज का ताड़बाग इलाका स्मैक तस्करी के लिए कुख्यात है। यहां रहने वाले कई युवक पहले स्मैक तस्करी में जेल जा चुके हैं। इस पूरे खेल का सरगना विक्की है जो पूर्व में जेल जा चुका है। उस पर एनडीपीएस के कई मुकदमे दर्ज हैं। आसपास के इलाकों के साथ ही अगल-बगल के जनपदों में भी स्मैक की सप्लाई इसी गैंग के जरिए होती है। आरोपियों से पूछताछ में जिस बिल्ली का नाम आया है, वह पहले भी स्मैक के साथ पकड़ी जा चुकी है। एडीसीपी विजय आनंद ने बताया कि उसकी तलाश में टीमें लगाई गई हैं। इस नेटवर्क में जो भी लोग शामिल हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


