कटिहार में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार विभिन्न सामाजिक संगठनों ने 14 अप्रैल को शहर में एक शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य बाबा साहेब के विचारों और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी क्रम में कटिहार शहर के राजस्थान होटल में बाबा साहेब के अनुयायियों और विभिन्न संगठनों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुरंजन पासवान और भोला पासवान सहित कई समाजसेवियों ने भाग लिया। सभी ने सर्वसम्मति से 14 अप्रैल को शहर में शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया। बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। आयोजकों के अनुसार, इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। शोभायात्रा का मुख्य उद्देश्य बाबा साहेब के संघर्ष और उनके सामाजिक न्याय के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित करना है। माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी बैठक में यह भी तय किया गया कि शोभायात्रा के दौरान बहुजन समाज के विभिन्न महापुरुषों की तस्वीरें भी शामिल की जाएंगी। इससे समाज में एकता, समानता और समरसता का संदेश सशक्त रूप से दिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, अंबेडकर चौक स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी। आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस वर्ष सभी संगठन मिलकर जयंती समारोह को यादगार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका लक्ष्य समाज में समानता और भाईचारे के संदेश को और अधिक मजबूती के साथ स्थापित करना है। कटिहार में बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार विभिन्न सामाजिक संगठनों ने 14 अप्रैल को शहर में एक शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य बाबा साहेब के विचारों और सामाजिक न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। इसी क्रम में कटिहार शहर के राजस्थान होटल में बाबा साहेब के अनुयायियों और विभिन्न संगठनों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुरंजन पासवान और भोला पासवान सहित कई समाजसेवियों ने भाग लिया। सभी ने सर्वसम्मति से 14 अप्रैल को शहर में शोभायात्रा निकालने का निर्णय लिया। बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना यह शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। आयोजकों के अनुसार, इसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है। शोभायात्रा का मुख्य उद्देश्य बाबा साहेब के संघर्ष और उनके सामाजिक न्याय के संदेश को व्यापक रूप से प्रसारित करना है। माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी बैठक में यह भी तय किया गया कि शोभायात्रा के दौरान बहुजन समाज के विभिन्न महापुरुषों की तस्वीरें भी शामिल की जाएंगी। इससे समाज में एकता, समानता और समरसता का संदेश सशक्त रूप से दिया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, अंबेडकर चौक स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित करने पर भी सहमति बनी। आयोजन से जुड़े लोगों का कहना है कि इस वर्ष सभी संगठन मिलकर जयंती समारोह को यादगार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका लक्ष्य समाज में समानता और भाईचारे के संदेश को और अधिक मजबूती के साथ स्थापित करना है।


