ईरान युद्ध के बीच अमेरिका को तगड़ा झटका, इटली ने एयर-स्पेस इस्तेमाल करने से किया मना

ईरान युद्ध के बीच अमेरिका को तगड़ा झटका, इटली ने एयर-स्पेस इस्तेमाल करने से किया मना

Italy-US Defense Dispute: ईरान युद्ध के बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका को यूरोप से लगातार झटके मिल रहे हैं। पहले स्पेन ने अपने एयर-स्पेस के इस्तेमाल से इनकार किया और अब इटली ने भी सख्त रुख अपनाते हुए अमेरिका को बड़ा संदेश दे दिया है। इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो (Guido Crosetto) ने अमेरिकी विमानों को सिगोनेला बेस (Sigonella Air Base) इस्तेमाल करने की अनुमति देने से साफ मना कर दिया।

इटैलियन अखबार ला रिपब्लिका के मुताबिक, अमेरिका ने बिना अनुमति के अपने फ्लाइट प्लान तैयार किए थे, जिससे इटली नाराज हो गया।

इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने साफ कहा…

इटली के अखबार ला रिपब्लिका के मुताबिक, अमेरिका ने इटली के मिलिट्री बेस का इस्तेमाल करने से पहले न तो इटली से अनुमति ली और न ही उसके सैन्य अधिकारियों से सलाह की। इटली को इस प्लान की जानकारी तब मिली, जब विमान पहले ही उड़ान भर चुके थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जांच में यह भी पता चला कि ये सामान्य या सप्लाई (लॉजिस्टिक) फ्लाइट्स नहीं थीं, इसलिए ये इटली के साथ हुए समझौते के दायरे में भी नहीं आती थीं।

वहीं पिछले दिनों इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने साफ कहा था कि इटली युद्ध में नहीं है और वह इसमें शामिल नहीं होना चाहता है।

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने संसद में माना कि ईरान पर हुआ हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के बाहर था। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी देश, चाहे यूरोप का हो या कोई और, इन हमलों को रोक नहीं सकता था।

रिपोर्ट के अनुसार, इटली में अमेरिकी सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करना एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, क्योंकि वहां के लोग पहले से ही अमेरिका के नेतृत्व वाली लड़ाइयों में शामिल होने को लेकर सतर्क रहते हैं।

इटली सरकार ने यह भी कहा कि सिसिली में स्थित नेवल एयर स्टेशन सिगोनेला जैसे बेस का इस्तेमाल सिर्फ तकनीकी और लॉजिस्टिक मदद के लिए ही किया जा सकता है। किसी हमले के लिए इनका इस्तेमाल करने के लिए इटली की मंजूरी जरूरी होती है, जो इस मामले में नहीं ली गई।

वहीं, द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को 4 से 6 हफ्तों में खत्म करने पर विचार कर रहे हैं, भले ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद ही क्यों न रहे।

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